प्रतीकात्मक चित्र

टोरंटो/भाषा। बिल्लियों में घातक वायरल बीमारी के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवा मनुष्यों में कोरोना वायरस संक्रमण के इलाज में भी प्रभावी साबित हो सकती है। एक अध्ययन में ऐसा दावा किया गया है जिसके परिणाम कोविड-19 के उपचार में नए चिकित्सकीय तरीकों को विकसित करने में मदद दे सकते हैं।

अध्ययन के मुताबिक, यह दवा सार्स-सीओवी-2 से संक्रमित प्रयोगशाला में विकसित कोशिकाओं में विषाणु को प्रतिकृति बनाने से रोकने में प्रभावी है। एलबर्टा यूनिवर्सिटी में जीव रसायन के प्राध्यापक जोआन लेमिक्स ने कहा, ‘बहुत संभव है कि यह दवा मनुष्यों में भी काम कर जाए, इसलिए हम इस बात से उत्साहित हैं कि यह कोविड-19 के मरीजों में प्रभावी वायरस रोधी इलाज साबित होगा।’

वैज्ञानिकों ने पाया कि यह दवा प्रतिकृति बनाने की विषाणु की क्षमता को बाधित करती है और संक्रमण को खत्म करने में मदद कर सकती है। उन्होंने कहा कि यह दवा शरीर के कुछ प्रोटीज अणुओं को बाधित करने वाली है जो शरीर की कई क्रियाओं में प्रमुख होते हैं और ‘उच्च रक्तचाप से लेकर कैंसर और एचआईवी तक’ सभी के इलाज में दवाओं के आम लक्ष्य होते हैं। यह अध्ययन ‘नेचर कम्युनिकेशन्स’ पत्रिका में प्रकाशित हुआ है।