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भारत में विनिर्माण क्षेत्र की गतिविधियां जुलाई में 8 महीने के उच्चतम स्तर पर
जुलाई के पीएमआई आंकड़ों ने लगातार 13वें महीने के लिए समग्र परिचालन स्थितियों में सुधार की ओर इशारा किया
 
पीएमआई की भाषा में 50 से ऊपर अंक का मतलब विस्तार होता है, जबकि 50 से नीचे का अंक संकुचन को दर्शाता है

नई दिल्ली/भाषा। भारत में विनिर्माण क्षेत्र की गतिविधियां जुलाई 2022 में आठ महीने के उच्च स्तर पर पहुंच गईं। एक मासिक सर्वेक्षण में सोमवार को कहा गया कि व्यापार आर्डर में उल्लेखनीय वृद्धि के कारण यह तेजी आई।

मौसमी रूप से समायोजित एसएंडपी ग्लोबल इंडिया का विनिर्माण खरीद प्रबंधक सूचकांक (पीएमआई) जून में 53.9 से बढ़कर जुलाई में 56.4 हो गया। यह आठ महीनों का उच्चतम स्तर है।

जुलाई के पीएमआई आंकड़ों ने लगातार 13वें महीने के लिए समग्र परिचालन स्थितियों में सुधार की ओर इशारा किया।

पीएमआई की भाषा में 50 से ऊपर अंक का मतलब विस्तार होता है, जबकि 50 से नीचे का अंक संकुचन को दर्शाता है।

एसएंडपी ग्लोबल मार्केट इंटेलिजेंस की संयुक्त निदेशक पोलियाना डी लीमा ने कहा, ‘भारतीय विनिर्माण उद्योग जुलाई के दौरान तेज आर्थिक वृद्धि और मुद्रास्फीति में नरमी के स्वागतयोग्य रुख से रूबरू हुआ।’

उन्होंने कहा कि पिछले नवंबर के बाद से उत्पादन में सबसे तेज गति से विस्तार हुआ है और यह नए आर्डर में तेजी को दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि हालांकि इस दौरान रोजगार सृजन धीमा रहा। ये आंकड़े उन व्यवसायों के मासिक सर्वेक्षण पर आधारित हैं, जो मुख्य रूप से विनिर्माण गतिविधियों में शामिल हैं।

सर्वेक्षण के अनुसार, ‘‘ताजा वृद्धि वास्तव में पिछले नवंबर के बाद से सबसे अधिक स्पष्ट है, जहां विनिर्माण उद्योग के सभी तीन व्यापक क्षेत्रों में तेजी से विस्तार देखने को मिला।’’

विनिर्माण उद्योग के ठोस प्रदर्शन के बावजूद, कुल रोजगार सृजन धीमा रहा। इसमें कहा गया कि अधिकांश फर्मों (98 प्रतिशत) ने कार्यबल संख्या को अपरिवर्तित रखने का विकल्प चुना।

भविष्य को लेकर अनिश्चितता के कारण भी रोजगार गतिविधियां बाधित हुईं।

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