जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख
जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख

नई दिल्ली/भाषा। भारत ने मंगलवार को कहा कि अगले महीने ‘तथाकथित गिलगित बाल्तिस्तान’ विधानसभा क्षेत्र में चुनावों की घोषणा को लेकर उसने पाकिस्तान से कड़ा विरोध दर्ज कराया है। भारत ने कहा कि इस्लामाबाद द्वारा क्षेत्र पर ‘अवैध’ कब्जे को छिपाने के लिए ‘दिखावे की कार्रवाई’ की जा रही है।

विदेश मंत्रालय ने कहा कि इस्लामाबाद द्वारा क्षेत्र में चुनाव कराने जैसे कार्यों से केंद्र शासित क्षेत्र जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के हिस्से पर ‘अवैध कब्जे’ को न तो छिपाया जा सकता है न ही पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले कश्मीर में लोगों के ‘घोर मानवाधिकार उल्लंघनों और शोषण’ की बात को ढंका जा सकता है।

पाकिस्तान ने घोषणा की है कि गिलगित बाल्तिस्तान के लिए चुनाव 15 नवम्बर को होंगे। विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा, ‘भारत की सरकार ने पाकिस्तान की सरकार से कड़ा विरोध जताया है और कहा है कि संघ शासित क्षेत्र जम्मू-कश्मीर और लद्दाख का पूरा इलाका जिसमें तथाकथित गिलगित और बाल्तिस्तान भी शामिल है, वह 1947 के विलय की संधि के मुताबिक भारत का अभिन्न अंग है।’

विदेश मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान का उस क्षेत्र में कोई अधिकार नहीं है जिस पर उसने ‘अवैध और जबरन कब्जा’ कर रखा है। इसने कहा, ‘इस तरह के कार्यों से संघ शासित क्षेत्र जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के हिस्से पर न तो अवैध कब्जे को छिपाया जा सकता है न ही सात दशकों से पाकिस्तान के कब्जे वाले क्षेत्र में रहने वाले लोगों के गंभीर मानवाधिकार उल्लंघनों, शोषण और स्वतंत्रता से वंचित किए जाने के मामले को ढंका जा सकता है।’

विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘ये महज दिखावा वाले कार्य हैं ताकि अवैध कब्जे को छिपाया जा सके। हम पाकिस्तान से अपील करते हैं कि वह अवैध कब्जे वाले सभी क्षेत्रों को तुरंत खाली करे।’ विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान से यह भी कहा कि वह अपने अधीन सभी अवैध कब्जे वाले स्थानों तो तुरंत खाली करे।

गिलगित बाल्तिस्तान में 18 अगस्त को चुनाव होने वाले थे लेकिन पाकिस्तान के चुनाव आयोग ने कोरोना वायरस महामारी के कारण 11 जुलाई को चुनाव स्थगित कर दिए।