प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

प्रधानमंत्री ने वाराणसी में 600 करोड़ रुपए से अधिक की 30 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन, शिलान्यास किया

वाराणसी/दक्षिण भारत। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से वाराणसी में विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि बनारस में जो विकास कार्य हो रहे हैं, सरकार ने जो निर्णय लिए हैं, उनका लाभ लोगों को मिल रहा है। ये जो सब कुछ हो रहा है, उसके पीछे बाबा विश्वनाथ का ही आशीर्वाद है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि महादेव के आशीर्वाद से काशी कभी थमती नहीं है। मां गंगा की तरह निरंतर आगे बढ़ती रहती है। कोरोना के कठिन काल में भी काशी आगे बढ़ती रही। कोरोना के खिलाफ बनारस ने जिस जीवटता से लड़ाई लड़ी है, इस मुश्किल समय में जो सामाजिक एकजुटता का परिचय दिया है। वो बहुत प्रशंसनीय है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि महादेव का आशीर्वाद ही है कि जब भी काशी के लिए नए कार्यों की शुरुआत होती है, तो पुराने कई संकल्प पूरे हो चुके होते हैं। यानी एक तरफ शिलान्यास, दूसरी तरफ लोकार्पण होता है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज भी करीब 220 करोड़ रुपए की 16 योजनाओं के लोकार्पण के साथ, करीब 400 करोड़ रुपए की 14 योजनाओं पर काम शुरू हुआ है। बनारस के शहर और देहात के इस विकास योजना में पर्यटन के साथ-साथ संस्कृति और सड़क, बिजली, पानी भी हो। हरदम प्रयास ये ही है कि काशी के हर व्यक्ति की भावनाओं के अनुरूप ही विकास का पहिया आगे बढ़े।

प्रधानमंत्री ने कहा कि मां गंगा को लेकर ये प्रयास, ये प्रतिबद्धता काशी का संकल्प भी है, और काशी के लिए नई संभावनाओं का रास्ता भी है। धीरे-धीरे यहां के घाटों की तस्वीर बदल रही है। गंगा घाटों की स्वच्छता और सुंदरीकरण के साथ-साथ सारनाथ भी नए रंगरूप में निखर रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज गंगा एक्शन प्लान प्रोजेक्ट के तहत काशी में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का काम पूरा हो चुका है। साथ ही साही नाला से अतिरिक्त सीवेज गंगा में गिरने से रोकने के लिए डायवर्जन लाइन का शिलान्यास भी किया गया है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज जिस लाइट एंड साउंड कार्यक्रम का लोकार्पण किया गया है, उससे सारनाथ की भव्यता और अधिक बढ़ जाएगी। काशी की एक बड़ी समस्या यहां लटकते बिजली के तारों के जाल की रही है। आज काशी का बड़ा क्षेत्र बिजली के तारों के जाल से भी मुक्त हो रहा है। तारों को अंडरग्राउंड करने का एक और चरण पूरा हो चुका है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि बनारस की कनैक्टिविटी हमेशा से हमारी सरकार की प्राथमिकता रही है। काशीवासियों का और यहां आने वाले हर श्रद्धालु का समय सड़क जाम में न लगे, इसके लिए यहां नए इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास किया जा रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि बाबतपुर से शहर को कनेक्ट करने वाली सड़क भी अब बनारस की नई पहचान बनी है। आज एयरपोर्ट पर दो पैसेंजर बोर्डिंग ब्रिज का लोकार्पण होने के बाद इन सुविधाओं का और विस्तार होगा। छह वर्ष पहले जहां बनारस से हर दिन 12 फ्लाइट्स चलती थीं, आज इससे चार गुणा फ्लाइट्स चलती हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि बीते छह सालों में बनारस में हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी अभूतपूर्व काम हुए हैं। आज काशी उप्र ही नहीं, बल्कि एक तरह से पूरे पूर्वांचल के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं का हब बनता जा रहा है। अब पूर्वांचल के लोगों को छोटी-छोटी जरूरत के लिए दिल्ली-मुंबई के चक्कर नहीं लगाने पड़ते। बनारस और पूर्वांचल के किसानों के लिए तो स्टोरेज से लेकर ट्रांसपोर्ट तक की अनेक सुविधाएं यहां तैयार की गई हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि इंटरनेशनल राइस इंस्टीट्यूट का सेंटर हो, मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट हो, पेरिशेबल कार्गो सेंटर का निर्माण हो, ऐसी अनेक सुविधाओं से किसानों को बहुत लाभ हो रहा है। ये भी हमारे लिए गर्व की बात है कि इस साल पहली बार वाराणसी से फल, सब्जी और धान को विदेश के लिए निर्यात किया गया है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि गांव में रहने वाले लोगों को, गांव की जमीन, गांव के घर का, कानूनी अधिकार देने के लिए ‘स्वामित्व योजना’ शुरू की गई है। गांवों में घर-मकान को लेकर जो विवाद होते थे, इस योजना से मिले प्रॉपर्टी कार्ड के बाद, उनकी गुंजाइश नहीं रह जाएगी।

प्रधानमंत्री ने कहा कि गांव, गरीब और किसान आत्मनिर्भर अभियान के सबसे बड़े स्तंभ और लाभार्थी हैं। हाल में जो कृषि सुधार हुए हैं, उससे किसानों को सीधा लाभ होने वाला है। किसानों के नाम पर किसानों की मेहनत हड़प जाने वाले बिचौलियों को सिस्टम से दूर किया जा रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आजकल, ‘लोकल के लिए वोकल’ के साथ ही ‘लोकल फॉर दिवाली’ के मंत्र की गूंज चारों तरफ है। हर एक व्यक्ति जब गर्व के साथ लोकल सामान खरीदेगा, नए-नए लोगों तक यह बात पहुंचाएगा कि हमारे लोकल प्रोडक्ट कितने अच्छे हैं, किस तरह हमारी पहचान हैं, तो ये बातें दूर-दूर तक जाएंगी।

शास्त्रों में कहा गया है- काश्यां हि काशते काशी, काशी सर्वप्रकाशिका। अर्थात् काशी को काशी ही प्रकाशित करती है और काशी सभी को प्रकाशित करती है। इसलिए आज विकास का जो प्रकाश फैल रहा है और जो बदलाव हो रहा है यह सब काशी और काशीवासियों के आशीर्वाद का ही परिणाम है।

इन विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास
प्रधानमंत्री ने 600 करोड़ रुपए से अधिक की 30 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया है। जिन परियोजनाओं का उद्घाटन किया, वे हैं: सारनाथ लाइट एंड साउंड शो, लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल रामनगर का उन्नयन, सीवरेज संबंधित कार्य, गायों की सुरक्षा और संरक्षण के लिए बुनियादी ढांचागत सुविधाओं का प्रबंध, बहुउद्देशीय बीज भंडार गृह, 100 मीट्रिक टन कृषि उपज क्षमता वाले गोदाम, आईपीडीएस चरण-2, संपूर्णानंद स्टेडियम में खिलाड़ियों के लिए एक आवास, वाराणसी शहर के स्मार्ट लाइटिंग कार्य, 105 आंगनवाड़ी केंद्र और 102 गौ आश्रय केंद्र।

इसके अलावा इन विकास परियोजनाओं का शिलान्यास किया: दशाश्वमेध घाट और खिड़किया घाट का पुनर्विकास, पीएसी पुलिस बल के लिए बैरक, काशी के कुछ वार्डों का पुनर्विकास, बनिया बाग में पार्क के पुनर्विकास के साथ पार्किंग सुविधा, गिरिजा देवी संस्कृत शंकुल में बहुउद्देश्यीय हॉल के उन्नयन सहित शहर में सड़कों की मरम्मत और पर्यटन स्थलों के विकास की परियोजनाएं।

प्रधानमंत्री ने परियोजनाओं के लाभार्थियों के साथ संवाद किया। कार्यक्रम में उप्र के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी लखनऊ से शामिल हुए।