गांवों की तस्वीर बदलने के लिए मोदी मंत्रिमंडल का बड़ा फैसला

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। स्रोत: भाजपा ट्विटर अकाउंट।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। स्रोत: भाजपा ट्विटर अकाउंट।

हर घर बिजली, इंटरनेट पहुंचाने की ओर कदम

नई दिल्ली/दक्षिण भारत। केंद्रीय मंत्रिमंडल की बुधवार को हुई बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए। इस दौरान 6 लाख 28 करोड़ की मदद के खाके को भी स्वीकृति दे दी गई। यह जानकारी केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल और सीसीईए (आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति) की बैठक हुई जिनमें उक्त फैसले लिए गए।

इसमें 19 हजार करोड़ रुपए के भारत नेट प्रोजेक्ट के फंड को मंजूरी मिली है जिससे देश के गांवों को इंटरनेट से जोड़ा जाएगा। साथ ही पॉवर डिस्ट्रिब्यूशन रिफॉर्म को हरी झंडी दिखाई गई है। यह आत्मनिर्भर भारत का चौथा पैकेज है।

फैसलों के बारे में जानकारी देते हुए केंद्रीय मंत्री जावड़ेकर ने बताया कि वित्त मंत्री सीतारमण ने कोरोना के मद्देनजर 6 लाख 28 करोड़ रुपए की सहायता राशि की जो घोषणा की थी, उसे मंत्रिमंडल ने मंजूर कर दिया। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने यह घोषणा तुरंत लागू कर दी है जबकि पिछली सरकारों में काफी देरी हो जाया करती थी।

जावड़ेकर ने बताया कि सरकार द्वारा की गई घोषणा के अनुसार, जून से नवंबर तक मुफ्त अनाज दिया जाएगा। इसके दायरे में 80 करोड़ लोग होंगे। इसके लिए 93 हजार करोड़ रुपए की घोषणा की गई है। वहीं, डीएपी, यूरिया की कीमतों में बढ़ोतरी नहीं हो, इसके लिए किसानों को राहत देते हुए 14 हजार करोड़ रुपए सब्सिडी की घोषणा की गई है।

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि गांवों तक ब्रॉडबैंड सुविधा के विस्तार के लिए 19 हजार करोड़ दिए गए हैं। इसी प्रकार बिजली व्यवस्था के सुधार और निर्यात सुविधा के लिए क्रमश: 97 हजार करोड़ और 1 लाख 22 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।

केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने प्रधानमंत्री मोदी द्वारा स्वतंत्रता दिवस पर 6 लाख गांवों तक ऑप्टिकल ब्रॉडबैंड पहुंचाने के लक्ष्य का उल्लेख करते हुए कहा कि इस सिलसिले में हर गांव तक इनफॉर्मेशन हाइवे पहुंचाने का ऐतिहासिक फैसला लिया गया है। उन्होंने बताया कि 30 साल के एग्रीमेंट के साथ पूरा नेटवर्क दे रहे हैं और 16 राज्यों में पीपीपी मॉडल के अंतर्गत लागू किया है। एक लाख 56 हजार गांवों तक प्रसार हो चुका है।

केंद्रीय मंत्री ने इसके फायदे गिनाते हुए कहा कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों में विद्यार्थियों को अच्छी कोचिंग सुविधा मुहैया हो सकेगी। साथ ही उद्यमिता का विकास होगा और देश की प्रगति को बल मिलेगा।