नई दिल्ली/भाषा। स्वास्थ्य मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया कि पिछले दिनों दिल्ली स्थिति निजामुद्दीन इलाके में तबलीगी जमात के धार्मिक आयोजन में हिस्सा लेने वालों में अब तक 14 राज्यों के कुल 647 लोगों में कोरोना के संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है। स्वास्थ्य मंत्रालय में संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने नियमित संवाददाता सम्मेलन में बताया कि पिछले दो दिनों में तबलीगी जमात के 647 लोग कोरोना से संक्रमित पाए गए हैं। ये लोग असम, अंडमान निकोबार, दिल्ली, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, महाराष्ट्र, राजस्थान, तमिलनाडु, तेलंगाना, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश से हैं।

उल्लेखनीय है कि मार्च के अंतिम सप्ताह में तबलीगी जमात द्वारा दिल्ली के निजामुद्दीन इलाके में आयोजित एक धार्मिक आयोजन में देश के कई राज्यों और विभिन्न देशों के लोगों ने हिस्सा लिया था। उन्होंने बताया कि देश में कोरोना के संक्रमण के अब तक 2,301 मामले सामने आ चुके हैं। इनमें पिछले 24 घंटों में सामने आये 336 संक्रमित मरीज भी शामिल हैं।

अग्रवाल ने बताया कि देश में कोरोना से संक्रमित 56 मरीजों की अब तक मौत हो चुकी है। इनमें से 12 की मौत पिछले 24 घंटों में हुई। उन्होंने बताया कि 156 मरीजों को इलाज के बाद स्वस्थ होने पर अब तक अस्पताल से छुट्टी दी जा चुकी है। अग्रवाल ने कोरोना के संक्रमण की शृंखला को तोड़ने के लिए लागू देशव्यापी बंद (लॉकडाउन) को कारगर उपाय बताते हुए कहा कि संक्रमण के मामलों में जो बढ़ोतरी पिछले कुछ दिनों में हुई है, उसका मुख्य कारण एक खास घटना रही।

अग्रवाल ने कहा कि अगर इस घटना को छोड़ दें तो लॉकडाउन और इस दौरान सामाजिक मेलजोल से दूरी (सोशल डिस्टेंसिंग) के उपायों के कारण नए मामलों की गति मे इजाफा नहीं हो रहा था। इसके मद्देनजर अग्रवाल ने देशवासियों से अपील की, ‘हम सभी को यह समझना होगा कि हम एक संक्रामक बीमारी से जूझ रहे हैं। ऐसे में इससे निपटने के उपायों का पालन में करने में मामूली सी चूक हमारे सारे प्रयासों को व्यर्थ साबित कर देती है।’

इस दौरान गृह मंत्रालय की संयुक्त सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने तबलीगी जमात के कार्यक्रम में हिस्सा लेने विदेशों से आए लोगों के विरुद्ध की जा रही कार्रवाई के बारे में बताया कि इनके पासपोर्ट ब्लैकलिस्ट किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि जिनके पासपोर्ट ब्लैकलिस्ट किए जा चुके हैं, उनमें 960 लोग अभी भारत में ही मौजूद हैं जबकि 360 स्वदेश वापस जा चुके हैं।

संवाददाता सम्मेलन में भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के वरिष्ठ अधिकारी मनोज मुहेकर ने बताया कि देश में कोरोना के परीक्षण के लिए संचालित प्रयोगशालाओं की संख्या 182 हो गई है। इनमें से 130 सरकारी प्रयोगशालाएं हैं। उन्होंने अब तक लगभग 66 हजार सेंपल परीक्षण होने की जानकारी देते हुए बताया कि पिछले 24 घंटों में लगभग आठ हजार परीक्षण हुए।

अग्रवाल ने बताया कि सरकार ने देश के नागरिकों को कोरोना के संक्रमण के खतरे का आकलन करने की सुविधा से लैस करते हुए मोबाइल एप ‘आरोग्य सेतु’ शुरू किया है। उन्होंने बताया कि देश में अब तक 30 लाख से अधिक लोग इस एप को डाउनलोड कर चुके हैं।

श्रीवास्तव ने कहा कि गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों को प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत लाभार्थियों को सहायता सामग्री का वितरण प्रभावी तौर पर सुनिश्चित करने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के कारण प्रवासी मजदूरों और निर्धन तबकों की आजीविका पर पड़े प्रभाव से राहत देने के लिएइस योजना के तहत शुक्रवार से सहायता उपलब्ध कराना शुरू कर दिया गया है। मंत्रालय ने सभी राज्यों से सामाजिक मेलजोल से दूरी बनाए रखने के उपायों का पालन ध्यान में रखते हुए जरूरतमंद लोगों को इस योजना का लाभ पहुंचाने के लिए कहा है।