प्रतीकात्मक चित्र
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नई दिल्ली/दक्षिण भारत। कश्मीर में दहशत फैलाने के मंसूबों में नाकाम होने के बाद पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान अब ‘खालिस्तानी आतंकवाद’ को परवान चढ़ाने में जुटा है। एक रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है। इसके पीछे पाकिस्तान की कुख्यात खुफिया एजेंसी आईएसआई का हाथ है। वरिष्ठ पत्रकार टेरी मिलेवस्की ने इस रिपोर्ट पर सवाल उठाए जाने के बाद जवाब दिए हैं।

उन्होंने कहा है कि यह रिपोर्ट विश्वसनीय सूत्रों और दस्तावेजी साक्ष्यों पर आधारित है। उन्होंने खालिस्तान समर्थकों को चुनौती दी है कि वे इस रिपोर्ट को गलत साबित करने के लिए प्रमाण पेश करें।

उल्लेखनीय है कि खालिस्तान समर्थक समूह ने ‘मैकडोनाल्ड लॉयर इंस्टीट्यूट’ के बोर्ड को संबोधित करते हुए उक्त रिपोर्ट पर कई सवाल उठाए थे। यह रिपोर्ट इसी थिंक टैंक ने प्रकाशित की थी जिसका शीर्षक ‘खालिस्तान: ए प्रोजेक्ट ऑफ पाकिस्तान’ है।

इसमें पत्रकार मिलेवस्की कहते हैं कि खालिस्तान का षड्यंत्र पाकिस्तान के इशारों पर चलाया जा रहा है। इससे न केवल भारत, बल्कि कनाडा के लिए भी खतरा पैदा हो गया है। उन्होंने विभिन्न रिपोर्टों का हवाला देकर यह बताने की कोशिश की है कि खालिस्तानी आतंकवाद कितना बड़ा खतरा साबित हो सकता है।

पत्रकार मिलेवस्की ने ट्वीट में बताया कि खालिस्तान आंदोलन चला रहे लोग पाकिस्तान के भरोसे हैं। इसका मकसद भारत को रक्तरंजित करना है, जिसे पाकिस्तान हवा दे रहा है। हालांकि मिलेवस्की कहते हैं कि इसे सिखों का समर्थन प्राप्त नहीं है और वे ऐसे किसी राज्य की स्थापना को ‘दूर की कौड़ी’ करार देते हैं।

मिलेवस्की ने दावा किया है कि कुछ खालिस्तानी नहीं चाहते कि लोगों को वास्तविकता का पता चले। उन्होंने इस बात पर जोर देते हुए कहा कि खालिस्तान के पीछे पाकिस्तान है, जिसे समर्थन नहीं मिल रहा है। ऐसे में उक्त रिपोर्ट पर वही सवाल उठा रहे हैं जो तथ्यों को नजरअंदाज कर रहे हैं।