वोटबैंक का बहीखाता होते थे पिछली सरकारों के बजट: मोदी

समारोह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। फोटो स्रोत: भाजपा ट्विटर अकाउंट।
समारोह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। फोटो स्रोत: भाजपा ट्विटर अकाउंट।

नई दिल्ली/गोरखपुर/दक्षिण भारत। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को चौरी चौरा शताब्दी समारोह का वर्चुअल माध्यम से उद्घाटन किया और चौरी चौरा को समर्पित डाक टिकट भी जारी किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों के बजट वोटबैंक का बहीखाता होते थे।

प्रधानमंत्री ने कहा कि चौरी चौरा की पवित्र भूमि पर देश के लिए बलिदान होने वाले, देश के स्वतंत्रता संग्राम को एक नई दिशा देने वाले वीर शहीदों के चरणों में मैं प्रणाम करता हूं, आदरपूर्वक श्रद्धाजंलि देता हूं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि 100 वर्ष पहले चौरी चौरा में जो हुआ, वो सिर्फ एक आगजनी की घटना, एक थाने में आग लगा देने की घटना नहीं थी, चौरी चौरा का संदेश बहुत बड़ा था, बहुत व्यपक था।

प्रधानमंत्री ने कहा कि अनेक वजहों से पहले जब भी चौरी चौरा की बात हुई, उसे एक मात्र मामूली आगजनी के संदर्भ में ही देखा गया, लेकिन आगजनी किन परिस्थितियों में हुई, क्या वजह थी, ये भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आग थाने में नहीं लगी थी, आग जन-जन के दिलों में प्रज्ज्वलित हो चुकी थी। चौरी चौरा के ऐतिहासिक संग्राम को आज देश के इतिहास में जो स्थान दिया जा रहा है, उससे जो जुड़ा हुआ प्रयास हो रहा है, वो प्रशंसनीय है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज से शुरू हो रहे ये कार्यक्रम पूरे साल आयोजित किए जाएंगे। इस दौरान चौरी चौरा के साथ ही हर गांव, हर क्षेत्र के वीर बलिदानियों को भी याद किया जाएगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि चौरी चौरा शताब्दी के इन कार्यक्रमों को लोकल कला, संस्कृति और आत्मनिर्भरता से जोड़ने का प्रयास किया गया है। ये प्रयास भी हमारे स्वतंत्रता सेनानियों के प्रति हमारी श्रद्धांजलि होगी।

प्रधानमंत्री ने कहा कि सामूहिकता की जिस शक्ति ने गुलामी के बेड़ियों को तोड़ा था, वही शक्ति भारत को दुनिया की बड़ी ताकत भी बनाएगी। सामूहिकता की यही शक्ति आत्मनिर्भर भारत अभियान का मूलभूत आधार है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि कोरोना काल में भारत ने दुनिया के 150 से ज्यादा देशों के नागरिकों की मदद के लिए दवाइयां भेजीं। भारत ने दुनिया के अलग—अलग देशों से अपने 50 लाख से अधिक नागरिकों को स्वदेश लाने का काम किया। जब भारत ने अनेक देशों के हजारों नागरिकों को सुरक्षित उनके देश भेजा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज भारत खुद कोरोना की वैक्सीन बना रहा है। दुनिया के बड़े-बड़े देशों से भी तेज गति से टीकाकरण कर रहा है। भारत मानव जीवन की रक्षा के लिए दुनियाभर को वैक्सीन पहुंचा रहा है। तो हमारे स्वतंत्रता सेनानियों की आत्मा को गर्व महसूस होता होगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि कई दिग्गज यह कह रहे थे कि देश ने बड़े संकट का सामना किया है, इसलिए सरकार को टैक्स बढ़ाना ही पड़ेगा। लेकिन इस बजट में देशवासियों पर कोई बोझ नहीं बढ़ाया गया, बल्कि देश को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए सरकार ने ज्यादा से ज्यादा खर्च करने का फैसला लिया है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि महामारी की चुनौतियों के बीच भी हमारा कृषि क्षेत्र मजबूती से आगे बढ़ा और किसानों ने रिकॉर्ड उत्पादन करके दिखाया। हमारा किसान अगर और सशक्त होगा, तो कृषि क्षेत्र की प्रगति और तेज होगी।

प्रधानमंत्री ने कहा कि किसानों को सशक्त बनाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। मंडियां किसानों के फायदे का बाजार बनें, इसके लिए 1,000 और मंडियों को ई-नाम से जोड़ा जाएगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि अब देश का प्रयास है कि हर गांव, कस्बे में भी इलाज की ऐसी व्यवस्था हो कि हर छोटी—मोटी बीमारी के लिए शहर की तरफ न भागना पड़े। इतना ही नहीं शहरों में भी इलाज कराने में तकलीफ न हो, इसके लिए भी बड़े फैसले लिए गए हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर फंड को बढ़ाकर 40,000 करोड़ रुपए किया गया है। इसका सीधा लाभ देश के किसान को होगा। ये सभी फैसले हमारे किसान को आत्मनिर्भर बनाएंगे, कृषि को लाभ का व्यापार बनाएंगे।

प्रधानमंत्री ने कहा कि हमें संकल्प लेना है- देश की एकता हमारे लिए सबसे पहले है। देश का सम्मान हमारे लिए सबसे बड़ा है। इसी भावना के साथ हमें हर एक देशवसी को साथ लेकर आगे बढ़ना है।