चंडीगढ़/भाषा। चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से शुरू किया गया मोबाइल एप्लिकेशन केंद्र शासित प्रदेश में घर में पृथक रह रहे लोगों का पता लगाएगा और यह सुनिश्चित करेगा कि कोविड-19 के संबंध में जारी दिशा-निर्देशों का पालन किया जा रहा हो।

एक अधिकारी ने बताया कि एप-सीवीडी ट्रैकर उन लोगों की पहचान करेगा जिन्हें घर में पृथक रहने को कहा गया है। साथ ही उन लोगों के आस-पास के विशिष्ट क्षेत्रों की निर्धारित सीमाओं को चिह्नित (जियो फेंस) करेगा। पृथक वास में रखे गए लोगों के लिए अपने मोबाइल फोन पर यह एप डाउनलोड करना अनिवार्य होगा।

अधिकारी ने कहा, पृथक रखे गए प्रत्येक एप उपयोगकर्ता को पृथक रखे जाने वाली जगह के 50 मीटर के दायरे में घेर दिया जाएगा और ऐसे उपयोगकर्ताओं को हर घंटे एक सेल्फी अपलोड करनी होगी। प्रणाली के जरिए फिर उनको पृथक रखी गई जगह और जिस स्थान से उन्होंने सेल्फी अपलोड की है उसका मिलान किया जाएगा।

अधिकारी ने बताया कि अगर पृथक रखा गया कोई उपयोगकर्ता जियोफेंस यानी सीमित दायरे से बाहर जाता है तो प्रशासन को नियंत्रण कक्ष में एक अलर्ट प्राप्त होगा और उपयोगकर्ता को चेतावनी संदेश भेजा जाएगा। साथ ही कहा कि उल्लंघन करने वाले पर प्राथमिकी दर्ज करने जैसी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन के नियंत्रण कक्ष को फोन बंद किए जाने पर भी अलर्ट प्राप्त होगा और उपयोगकर्ता के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। पृथक वास में रखे गए लोगों की निगरानी के लिए हर समय काम करने वाला नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है जिसमें एक टीम काम करेगी।

सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के उपमंडलीय मजिस्ट्रेट नाजुक कुमार ने कहा, भविष्य में पृथक रखे जाने वाले लोगों की संख्या बढ़ सकती है और यह एप जीपीएस लोकेशन की मदद से पृथक लोगों का पता लगाना स्वास्थ्य एवं पुलिस विभागों के लिए आसान बनाएगा।

उन्होंने कहा, किसी भी तरह की चूक या अनाधिकृत गतिविधि संबंधित एसडीएम, पुलिस के साथ-साथ संबंधित व्यक्ति को भी तत्काल अलर्ट कर देगी। उल्लंघनकर्ता के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।