लखनऊ/भाषा। उत्तर प्रदेश सरकार महिलाओं को रोजगार का बड़ा मौका देते हुए राज्यभर में 50 हजार ‘बैंकिंग कॉरस्पोंडेंट सखी’ की तैनाती करेगी, जो बैंकिंग सुविधाओं में मदद करेंगी। राज्य सरकार के एक प्रवक्ता के मुताबिक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बृहस्पतिवार को ऐलान किया कि उनकी सरकार बैकिंग सुविधाओं की मदद के लिए प्रदेश भर में 50 हजार बैंकिंग कॉरस्पोंडेंट सखी तैनात करेगी।

योगी ने बताया कि बैंकिंग कॉरस्पोंडेंट सखी गांव में ही लोगों को बैंक से पैसे का भुगतान कराने की सुविधा मुहैया कराने का काम करेंगी। उन्होंने बताया कि हर ग्राम पंचायत में बैंकिंग कॉरस्पोंडेंट सखी तैनात करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। योगी के अनुसार हर बैंकिग कॉरस्पोंडेंट सखी को पहले छह महीने तक चार हजार रुपए प्रतिमाह और छह महीने पश्चात चार हजार रुपए एवं बैंक का कमीशन प्राप्त होगा।

मुख्यमंत्री ने बताया कि कॉरस्पोंडेंट सखी बैंकिंग के लेन-देन में जितने लोगों की मदद करेंगी, उतना ज्यादा कमीशन मिलेगा। उन्हें उपकरण के लिए भी 50 हज़ार रुपए दिए जाएंगे। योगी ने बृहस्पतिवार को ही 35 हज़ार 938 परिवारों को 218.49 करोड़ रुपए का कोष प्रदान किया है। यह कोष ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत दिया गया है। मुख्यमंत्री योगी की ओर से इस कोष के जरिए मास्क समेत सिलाई, कढाई, पत्तल, मसाले जैसे उत्पादों के लिए काम कर रही महिलाओं को मदद मिलेगी।

उन्होंने बताया कि इस कोष का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार और स्वावलंबन को बढ़ावा देना है। उन्होंने विभिन्न जिलों के स्वयं सहायता समूह की महिलाओं और प्रवासी श्रमिकों से वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए बातचीत भी की। इन स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हुईं अधिकतर महिलाएं प्रवासी कामगारों और श्रमिकों के परिवारों की हैं।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना वायरस के संकट के समय में भी हमारे महिला स्वयं सेवी संगठन हर संभव योगदान दे रहे हैं और कुछ तो स्वयं सेवी समूह ऐसे हैं, जिन्होंने इस मुश्किल वक्त में पीपीई किट का उत्पादन भी किया है। इससे यह साबित होता है कि इस तरह के समूह अत्यंत प्रतिभाशाली हैं, जिन्हें यदि थोड़ा मार्गदर्शन और सहयोग दे दिया जाए तो वो कुछ भी करने में सक्षम हैं।

उन्होंने कहा कि यदि हम लोग महिला स्वयं समूहों को समय पर ‘रिवॉल्विंग फंड’ और ‘कम्युनिटी इन्वेस्टमेंट फंड’ उपलब्ध करवा देते हैं, तो ये ग्रामीण स्वावलंबन का एक आदर्श उदाहरण बनकर उभर सकते हैं। योगी ने कहा कि प्रदेश सरकार सभी प्रवासी कामगार और श्रमिकों को उनकी दक्षता के अनुसार प्रदेश में रोजगार देगी, साथ ही उनकी हर संभव सहायता की जाएगी, जिससे उनकी प्रतिभा का लाभ उत्तर प्रदेश को मिलेगा और देश और दुनिया के सामने उत्तर प्रदेश प्रत्येक क्षेत्र में अग्रणी स्थान पर होगा।