प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जनसभा को संबोधित करते हुए
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जनसभा को संबोधित करते हुए

फॉरबिसगंज/दक्षिण भारत। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को बिहार के फॉरबिसगंज में एक जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि अररिया के साथ-साथ पूर्णिया, किशनगंज और कटिहार सहित अनेक जिलों के लोग आज यहां मौजूद हैं। इससे भी ज्यादा लोग अलग-अलग स्थान पर डिजिटल माध्यम से आज इस सभा से जुड़े हैं। मैं आप सभी को आदर पूर्वक प्रणाम करता हूं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के कई स्थानों पर आज उप-मतदान चल रहे हैं। बिहार में भी कई जगह चुनाव चल रहा है। चुनाव लोकतंत्र का बड़ा उत्सव होता है। इस उत्सव में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। यही उज्ज्वल भविष्य की गारंटी भी है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि कोरोना के संकटकाल में बिहार के लोग अपने घरों से निकल रहे हैं, इतनी बड़ी संख्या में मतदान कर रहे हैं। लोकतंत्र की इतनी बड़ी ताकत, लोकतंत्र के प्रति हर बिहारी का इतना बड़ा समर्पण ये पूरे विश्व के लिए एक भरोसा जगाने वाली घटना है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि कोरोना जैसे कठिन समय में इतनी सावधानियों के साथ चुनाव कराने के लिए मैं देश के चुनाव आयोग को लाख-लाख बधाई देता हूं। मैं बिहार की धरती से चुनाव आयोग, प्रशासन के कर्मचारियों और सुरक्षा बलों के जवानों का भी हृदय से अभिनंदन करता हूं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि बिहार की पवित्र भूमि ने ठान लिया है कि इस नए दशक में बिहार को नई ऊंचाई पर पहुंचाएंगे। बिहार के लोगों ने जंगलराज को, डबल-डबल युवराजों को सिरे से नकार दिया है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज राजग के विरोध में जो लोग खड़े हैं, वो इतना कुछ खाने-पीने के बाद अब फिर से बिहार को लालच भरी नजरों से देख रहे हैं। लेकिन बिहार की जनता जानती है कि कौन बिहार के विकास के लिए प्रतिबद्ध है और कौन अपने परिवार के विकास के लिए।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज बिहार में अहंकार हार रहा है, परिश्रम फिर जीत रहा है। आज बिहार में घोटाला हार रहा है, लोगों का हक़ फिर जीत रहा है। आज बिहार में गुंडागर्दी हार रही है, कानून का राज वापस लाने वाले फिर जीत रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि बिहार वो दिन भूल नहीं सकता, जब चुनाव को इन लोगों ने मजाक बनाकर रख दिया था। इनके लिए चुनाव का मतलब था- चारो तरफ हिंसा, हत्याएं, बूथ कैप्चरिंग। बिहार के गरीबों से इन लोगों ने वोट देने तक का अधिकार छीन रखा था।

प्रधानमंत्री ने कहा कि तब मतदान नहीं होता था, ‘मत छीन लिया जाता था, वोट की लूट होती थी, गरीब के हक की लूट होती थी। बिहार में गरीब को सही मायनों में मतदान का अधिकार राजग ने दिया है।’

प्रधानमंत्री ने कहा कि अगर बिहार में पहले जैसे ही हालात होते, तो सच मानिए, गरीब मां का ये बेटा कभी प्रधानमंत्री नहीं बन पाता, आपका प्रधान सेवक नहीं बन पाता। आज जब गरीब को अपना अधिकार मिला है, तो वो उसने देश की राजनीति की दिशा तय करने की कमान भी खुद संभाल ली है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि बीते दशक में जंगलराज के प्रभावों को कम किया गया, अब ये दशक बिहार की नई उड़ान का है, नई संभावनाओं का है। बिहार को जब फिर इस बार डबल इंजन की ताकत मिलेगी, तो यहां का विकास पहले से भी तेज गति से होगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि बिहार अब उन लोगों को पहचान चुका है जिनका एकमात्र सपना है कि किसी तरह लोगों को डराकर, अफवाह फैलाकर, लोगों को बांटकर किसी भी तरह से सत्ता हथिया लेना है। इनकी तो बरसों से यही सोच है, इन्होंने यही देखा है, यही समझा है, यही सीखा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि मेरा गरीब अब दवाई के बिना, डॉक्टर के बिना, अस्पताल के बिना जिंदगी और मौत के बीच जूझता नहीं रहेगा। सरकार आयुष्मान भारत योजना के तहत गरीबों के लिए हर साल 5-5 लाख रुपए तक का खर्चा खुद उठा रही है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि बिहार में कहा जाता है- अनकर धन पाईं, त नौ मन तौलाईं। स्वार्थ का भाव ये कि जब दूसरे का पैसा है, तो जितना चाहे खरीदो, क्या फर्क पड़ता है? जब जनता का पैसा है, तो जितना चाहे लूटो। ये लोग जनता के लिए, आपके लिए काम नहीं कर सकते।

प्रधानमंत्री ने कहा कि झूठ बोलकर कांग्रेस ने देश के लोगों के क्या-क्या सपने दिखाए? चुनाव से पहले कहते थे गरीबी हटाएंगे, किसान का कर्जा माफ करेंगे, टैक्स कम करेंगे। बातें बहुत कीं, लेकिन इतिहास गवाह है, दस्तावेज गवाह हैं कि इन्होंने इसमें से एक भी काम नहीं किया, सिर्फ लोगों को गुमराह किया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज कांग्रेस की हालत ये है कि लोकसभा और राज्यसभा को मिला दें, तो भी उसके पास 100 सांसद नहीं हैं। गरीब की दिक्कतों को जो समझते हैं, वही गरीब के लिए काम करते हैं। गरीब-गरीब की माला जपते हुए मूर्ख बनाकर अपने महल बनाने वाले, अपने दूर के रिश्तेदारों तक के लिए महल बनाने वाले लोग, आपका दर्द नहीं समझ सकते।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज बिहार देश के उन कुछ राज्यों में जहां गैस ग्रिड कनेक्टिविटी का बहुत ज्यादा विस्तार होने जा रहा है। आज बिहार प्रधानमंत्री ऊर्जा गंगा योजना का बहुत बड़ा लाभार्थी बन रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि एक समय था जब बिहार की पहचान बहुत सी नकारात्मक बातों से होने लगी थी। इस पहचान के जिम्मेदार कौन थे? मुझसे ज्यादा पहले के हालात को बिहार से लोग जानते हैं। बिहार का बच्चा-बच्चा दुनिया में कहीं पर भी हो, इन बातों को भली-भांति जानता है।
आज बिहार की पहचान बदल रही है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि कुछ दिनों पहले ही बिहार के हर गांव को ब्रॉडबैंड इंटरनेट से जोड़ने के अभियान की शुरुआत हुई है। इससे बिहार के युवा घर बैठे ही देश और दुनिया में अच्छी पढ़ाई और बिजनेस के अवसरों से जुड़ पाएंगे।

प्रधानमंत्री ने कहा कि बिहार में एक कहावत है- सब कुछ खइनी, दुगो भुजा न चबइनी। यानी, भर पेट भोजन करने के बाद भी खाने वाले की नजर अब भुजा पर है। आज राजग के विरोध में जो लोग खड़े हैं, वो इतना कुछ खाने-पीने के बाद अब फिर से बिहार को लालच भरी नजरों से देख रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि बीता दशक बिहार की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए था। नीतीश बाबू और उनकी पूरी टीम ने जी-जान लगाकर बिहार के लोगों की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी। अब ये दशक बिहार की आकांक्षाओं को पूरा करने का दशक है।