तिब्बती नौजवान
तिब्बती नौजवान

नई दिल्ली/दक्षिण भारत। चीन के वुहान से निकले कोरोना वायरस ने पूरी दुनिया के हालात बिगाड़ दिए हैं। दुनियाभर में लाखों लोग मारे जा चुके हैं, उद्योग-धंधे भारी नुकसान का सामना कर रहे हैं, मजदूरों, पेशेवरों की रोजी-रोटी छिन गई है और हर कोई परेशान है। इसके बावजूद चीन अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा और अपनी लालची प्रवृत्ति के वशीभूत होकर भारत के साथ सीमा विवाद भड़काने की कोशिश कर रहा है। आखिर क्या चाहता है चीन?

इस सवाल का जवाब दिया है एक तिब्बती नौजवान ने, जिसने चीन की विस्तारवादी नीतियों के कारण अपनी मातृभूमि गंवा दी और अब वह भारतीयों को सचेत कर रहा है। इस नौजवान का वीडियो प्रख्यात योगगुरु स्वामी रामदेव ने अपने ट्विटर अकाउंट पर शेयर किया है।

यह तिब्बती नौजवान कहता है, ‘चीन ने सब छीन लिया, यह अपने फायदे के लिए पूरी दुनिया को बेच देगा। इस डाल पर कभी पत्ते भी थे, अब सिर्फ सूखी डाली है, दिवाली पर मिट्टी के दीये थे, अब सिर्फ प्लास्टिक से बनी लाइटें हैं। आपसे आपका रोजगार छीना, सरहद छीनी, मुझसे मेरा देश छीना, और न जाने क्या-क्या छीनेगा, यह चीन है, यह सब छीन लेगा।’

तिब्बती नौजवान कहता है, ‘वक्त है जवाब देने का, सेना देगी जवाब बुलेट से, और हमें देना है जवाब अपने वॉलेट से, देश पर मर-मिटने की बातें छोड़ो, बस इतना-सा काम करो, चीनी सामान का बहिष्कार और अपने फोन से चीनी एप डिलीट करो, क्योंकि यह चीन है, यह सब छीन लेगा।’

तिब्बती नौजवान कहता है, ‘चीन अपने फायदे के लिए पूरी दुनिया को बेच देगा। सबको अंधेरे में रखकर झूठ का कारोबार किया, उसके एक झूठ ने न जाने कितनों को बर्बाद किया। वक्त है चीन से जवाब मांगने का। सब मिलकर आवाज उठाओ, चीन को जवाबदेह बनाओ। हैशटैग मेक चाइना अकाउंटेबल 2020.. जय हिंद, जय भारत, जय तिब्बत।’

इस वीडियो पर बड़ी संख्या में यूजर्स ने कमेंट किए हैं। राष्ट्रभक्त योगा वॉरियर्स लिखते हैं, ‘चीन किस प्रकार दूसरों की जमीन और रोजगार हड़पता है, यह तिब्बत के लोगों से अधिक और कोई नहीं जानता।’

श्याम राव नामक यूजर लिखते हैं, ‘कोरोना फैलने के बाद मैंने तो कसम खा ली है कि जहां तक संभव होगा, चीन का कोई सामान नहीं खरीदूंगा।’ अरुणेश लिखते हैं, ‘साम्राज्यवादी चीन ने तिब्बत पर अवैध कब्जा जमा रखा है। दूसरों की जमीन हड़पना चीन का स्वभाव बन चुका है। इसका समाधान यह है कि चीनी उत्पादों का पूरी दुनिया बहिष्कार करे।’