विकास दुबे
विकास दुबे

कानपुर/दक्षिण भारत। उत्तर प्रदेश के कानपुर में मौत का तांडव मचाने वाले गैंगस्टर विकास दुबे का अपराध की दुनिया से बहुत पुराना कनेक्शन है। गुरुवार देर रात को जब पुलिस टीम इस शख्स को पकड़ने चौबेपुर थाने के दिकरू गांव गई तो अपराधियों ने घात लगाकर हमला बोला, जिससे पुलिस उपाधीक्षक देवेंद्र मिश्रा सहित आठ पुलिसकर्मी शहीद हो गए।

एक रिपोर्ट के अनुसार, विकास दुबे के खिलाफ हत्या, लूट, अपहरण जैसे गंभीर अपराधों के 60 मामले दर्ज हैं। वह हत्या के एक ताजा मामले में आरोपी था, जिसके बाद उसे पकड़ने के लिए पुलिस ने छापे की योजना बनाई थी। खबरों के मुताबिक, विकास दुबे कई गंभीर किस्म के अपराधों में अपनी भूमिका के लिए कुख्यात है। साल 2001 में भाजपा नेता और राज्य के मंत्री संतोष शुक्ला की हत्या में भी उस पर आरोप लगे थे।

हालांकि, उसके खिलाफ पर्याप्त सबूत न होने के कारण उसे मामले में बरी कर दिया गया था। साल 2000 में, कानपुर के शिवली थाना क्षेत्र में ताराचंद इंटर कॉलेज के सहायक प्रबंधक सिद्धेश्वर पांडे की हत्या में भी उसका नाम लिया गया था। उसके बारे में कहा जाता है कि उसी साल उसने जेल में, रामबाबू यादव की हत्या की साजिश रची थी।

उस पर साल 2004 में एक केबल व्यवसायी की हत्या का आरोप लगा। विकास दुबे ने खुद की दहशत कायम रखने के लिए एक हथियारबंद गैंग बनाया हुआ है। करीब 40 का विकास राजनीति में भी किस्मत आजमा चुका है। एक रिपोर्ट के अनुसार, वह पूर्व में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) में शामिल हुआ था और नगर पंचायत का सदस्य चुना गया था।