प्रतीकात्मक चित्र
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नई दिल्ली/वॉशिंगटन/दक्षिण भारत। इस साल 21 दिसंबर को गुरु और शनि की महायुति जैसा संयोग कई परिवर्तन लाएगा, खासतौर से अमेरिका में। गुरु और शनि दो प्रमुख ग्रह हैं जिन्हें वैदिक ज्योतिष में राज ग्रह कहा जाता है। अमेरिका निवासी ज्योतिषी काथिर सुबैया बताते हैं कि गुरु और शनि का मिलन एक दुर्लभ घटना है जो लगभग 20 साल में एक बार होती है। यह संयोग पिछली बार 28 मई, 2000 को मेष राशि में हुआ था।

अब यह संयोजन 21 दिसंबर, 2020 को मकर राशि में हो रहा है। गुरु 20 नवंबर, 2020 को मकर राशि में स्थानांतरित हो रहा है। शनि पहले से ही 23 जनवरी, 2020 से मकर राशि में है। गुरु और शनि 21 दिसंबर, 2020 को दोपहर 1:20 बजे (ईएसटी) संयोजन करेंगे। यह संयोग इतना शक्तिशाली है कि गुरु इस राशि पर दुर्बल हो रहा है जबकि शनि उसी राशि पर शासन करता है जिससे नीच भंग राजयोग बनता है।

काथिर सुबैया के अनुसार, यह राजयोग भाग्य को बदलने की ताकत रखता है। इसकी आसान व्याख्या यह है कि यदि आपने 29 सितंबर, 2020 और 19 नवंबर, 2020 के बीच बहुत तकलीफें झेली हैं, तो आप 20 नवंबर, 2020 और 31 दिसंबर, 2020 के बीच अच्छे भाग्य का आनंद लेंगे।

भारतीय मूल के ज्योतिषी काथिर सुबैया
भारतीय मूल के ज्योतिषी काथिर सुबैया

इसी प्रकार, यदि आपने 29 सितंबर, 2020 और 19 नवंबर, 2020 के बीच अच्छे भाग्य का आनंद लिया है, तो आप 20 नवंबर, 2020 और 31 दिसंबर, 2020 के बीच एक सख्त आजमाइश के चरण में होंगे। अब हम देख सकते हैं कि दुनिया का कौनसा हिस्सा सबसे ज्यादा प्रभावित होने जा रहा है।

इस संयोजन के ठीक चार घंटे पहले यानी 21 दिसंबर, 2020 को सुबह 9:20 बजे (ईएसटी), वॉशिंगटन, डीसी में गुरु और शनि का उदय हो रहा है। इस बात को यहां दिए गए नक्शे से समझ सकते हैं।

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यदि आप गुरु और शनि की बढ़ती रेखाओं को देखते हैं, जो वॉशिंगटन, डीसी में गिर रही हैं, महान संयोजन के ठीक 4 घंटे पहले। इस ज्योतिषीय घटना का प्रभाव अमेरिका में रहने वाले लोगों के लिए अधिक महसूस किया जाएगा। इसके बाद क्रमशः यूरोप, मध्य पूर्व और एशियाई देशों में। ज्योतिष प्रेमियों के लिए इस महान संयोग में हो रहे आर्थिक प्रभाव, राजनीतिक परिवर्तन और कोविड-19 प्रभाव को देखना दिलचस्प होगा।