2.6 लाख फ्रंटलाइन वर्कर्स को लगेगी कोवैक्सीन

प्रतीकात्मक चित्र। फोटो स्रोत: PixaBay
प्रतीकात्मक चित्र। फोटो स्रोत: PixaBay

बेंगलूरु/दक्षिण भारत। राज्य में 2,60,844 फ्रंटलाइन वर्कर्स ने 31 जनवरी तक को-विन ऐप पर टीकाकरण के लिए पंजीकरण किया है जो कि पंजीकरण के लिए आखिरी दिन था। टीकाकरण के दूसरे चरण में लगभग 1.46 लाख लोगों को कोवैक्सीन का दूसरा डोज लगाया जाएगा।

कोवैक्सीन को केवल मेडिकल कॉलेजों जैसे सिम्स (शिवमोग्गा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज), एचआईएमएस (हसन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज), सीआईएमएस (चामराजनगर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज) और एम्स में लगाया जाएगा।

हालांकि एक वेबिनार में स्वास्थ्य के अतिरिक्त मुख्य सचिव जावेद अख्तर ने कहा था कि इन संस्थानों को इसलिए चुना गया क्योंकि वे बड़े हैं और यहीं से कई लोगों को वैक्सीन दी जाएगी।

वहीं राज्य सरकार ने इस बात का अभी तक खुलासा नहीं किया है कि फ्रंटलाइन वर्कर्स को विशेष रूप से कोवैक्सीन के लिए क्यों चुना गया है। राज्य के स्वास्थ्य विभाग के टीकाकरण उपनिदेशक डॉ. रजनी नागेशराव ने इस बारे में बताया कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है।

वहीं बीबीएमपी आयुक्त मंजूनाथ प्रसाद ने कहा कि हमें कोई ऐसी जानकारी नहीं दी गई कि फ्रंटलाइन वर्कर्स को कोवैक्सीन दी जाएगी जिसमें बीबीएमपी कर्मचारी भी शामिल हैं।

राज्य और केंद्रीय पुलिस विभाग, सशस्त्र बल, होमगार्ड, जेल कर्मचारी, आपदा प्रबंधन स्वयंसेवक, नागरिक सुरक्षा कर्मी, नगरपालिका कार्यकर्ता, राजस्व विभाग के अधिकारी, कोविड-19 में लगे पुलिसकर्मी और कर्मी

मालूम हो कि फ्रंटलाइन वर्कर्स में बीबीएमपी के 30,000 कर्मचारी शामिल हैं। वहीं इनमें 27,000 शहर के पुलिसकर्मी और राज्य और केंद्रीय पुलिस विभाग एवं अन्य कर्मचारी भी शामिल हैं।