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हुब्बली हिंसा: गिरफ्तार आरोपी को पीयूसी परीक्षा में शामिल होने की अनुमति
अब तक 126 आरोपी शिकंजे में
 
युवक को परीक्षा की तैयारी के लिए पाठ्यपुस्तकें दी जाएंगी और पुलिस द्वारा परीक्षा केंद्र तक ले जाया जाएगा

हुब्बली/दक्षिण भारत। जेएमएफसी (न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी) ने एक युवक को 22 अप्रैल से शुरू होने वाली पीयूसी परीक्षाओं में शामिल होने की अनुमति दी है, जिसके सोशल मीडिया पोस्ट ने हुब्बली में दंगे जैसी स्थिति पैदा कर दी थी।

युवक अभिषेक को परीक्षा की तैयारी के लिए पाठ्यपुस्तकें दी जाएंगी और पुलिस द्वारा परीक्षा केंद्र तक ले जाया जाएगा।

इस बीच, घटना की जांच कर रही पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगालने के बाद आगजनी के आरोप में 126 लोगों को गिरफ्तार किया है। मौलवी वसीम पठान को गिरफ्तार करना बाकी है।
 
बता दें कि शनिवार आधी रात को एक समुदाय विशेष के लोग बड़ी संख्या में सड़कों पर उतर आए थे। वे एक मस्जिद पर कथित तौर पर भगवा झंडा दिखाने वाली सोशल मीडिया पोस्ट से नाराज थे। इस दौरान कई पुलिसकर्मी घायल हुए और वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया गया। दंगाइयों ने पास के एक मंदिर और अस्पताल को भी नुकसान पहुंचाया।

जांच में पुलिसकर्मियों को मारने की कोशिश करने वाले दंगाइयों के चौंकाने वाले विवरण सामने आए हैं। कसाबा पुलिस स्टेशन से जुड़े पुलिस कॉन्स्टेबल - अनिल कांडेकर और मंजूनाथ - ने अपनी शिकायत में कहा है कि दंगाइयों द्वारा स्थिति का फायदा उठाने के प्रयास के बाद वे बाल-बाल बच गए।

कथित तौर पर जब कॉन्स्टेबल ने हनुमान मंदिर के पास स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की, तो दंगाइयों ने न केवल उन्हें रोका बल्कि उनके सिर पर पत्थरों से प्रहार करने की कोशिश की। कॉन्स्टेबल को अपनी जान बचाने के लिए वहां से दूर जाना पड़ा।

घटना के बाद विपक्षी नेताओं ने आरएसएस, विहिप और सनातन संगठन पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है। सत्तारूढ़ भाजपा नेताओं ने दंगाइयों को चेतावनी दी है कि अगर लोग शांति से नहीं रहते हैं, तो उन्हें कठोर कार्रवाई के लिए तैयार रहना होगा, जो उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में शुरू की गई है।

कर्नाटक पुलिस ने शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने की पृष्ठभूमि में हुब्बली शहर में कर्फ्यू के आदेशों को 23 अप्रैल तक बढ़ा दिया है। निषेधाज्ञा 17 अप्रैल से 20 अप्रैल तक लागू थी।

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