बेंगलूरु/भाषा। कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येडियुरप्पा ने बाबरी विध्वंस मामले में भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी एवं 31 अन्य आरोपियों को लखनऊ की सीबीआई अदालत द्वारा बरी किए जाने के फैसले का स्वागत करते हुए इसे ‘सत्य की जीत’ करार दिया ।

सीबीआई की विशेष अदालत ने पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी, पूर्व केंद्रीय मंत्रियों – मुरली मनोहर जोशी एवं उमा भारती-समेत सभी 32 आरोपियों को यह कहते हुए बरी कर दिया कि उनके खिलाफ कोई निर्णायक प्रमाण नहीं है।

येडियुरप्पा ने संवाददाताओं से कहा, ‘अदालत का यह कहना कि यह घटना पूर्व नियोजित नहीं थी, सत्य की विजय है।’ फैसले पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत रूप से उन्हें बहुत खुशी हुई है क्योंकि वह भी राम जन्मभूमि आंदोलन का हिस्सा थे।

राम मंदिर निर्माण की पृष्ठभूमि तैयार करने का श्रेय भाजपा के वरिष्ठ नेताओं – आडवाणी, जोशी तथा भारती – को देते हुए येडियुरप्पा ने कहा, ‘सभी भारतीयों के आनंद के क्षण में, मैं फैसले का स्वागत करता हूं।’ गौरतलब है कि राम मंदिर के निर्माण के लिए भूमि पूजन एवं शिलान्यास दो महीने पहले किया जा चुका है।

बाबरी विध्वंस के दिन को याद करते हुए येडियुरप्पा ने कहा कि इस अवसर पर आडवाणी के उस ऐतिहासिक भाषण को कोई नहीं भूल सकता है।

यह मामला उत्तर प्रदेश के आयोध्या में छह दिसंबर 1992 को विवादित ढांचा गिराए जाने से संबंधित है। विवादित ढांचे को ‘कार सेवकों’ ने गिराया था, जिनका दावा था कि प्राचीन राम मंदिर के स्थान पर मस्जिद का निर्माण किया गया था।

प्रदेश के उपमुख्यमंत्री डॉ. सीएन अश्वत्थ नारायण, गृह मंत्री बासवराज बोम्मई और भाजपा के राष्ट्रीय संगठन सचिव बीएल संतोष समेत अन्य नेताओं ने इस फैसले का स्वागत किया है।