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कोरोना प्रसार पर काबू पाने के लिए और उपाय घोषित कर सकती है कर्नाटक सरकार
कर्नाटक में पिछले पांच दिनों से कोविड मामलों में इजाफा देखा जा रहा है
 
कैबिनेट की बृहस्पतिवार को होने वाली बैठक के दौरान राज्य की स्थिति और लागू किए जाने वाले उपायों पर चर्चा की जाएगी

बेंगलूरु/भाषा। कर्नाटक सरकार कोविड-19 के नए खतरे के मद्देनजर संक्रमण के प्रसार की रोकथाम के लिए और नियंत्रण उपाय अपनाने पर विचार कर रही है। राज्य मंत्रिमंडल विशेषज्ञों से सलाह-मशविरे के बाद इस हफ्ते फैसला कर सकता है।

सरकार ने वायरस के प्रसार को नियंत्रित करने के लिए 28 दिसंबर से रात 10 बजे से सुबह पांच बजे तक "रात का कर्फ्यू" जैसे रोकथाम के उपाय पहले ही लागू कर दिए हैं जो सात जनवरी की सुबह तक अमल में रहेंगे।

मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने सोमवार को कहा, 'हम कोविड और ओमीक्रोन दोनों स्थितियों की निगरानी कर रहे हैं। यह देश में, राज्य में और पड़ोसी राज्यों में बहुत तेज गति से फैल रहा है। इसलिए हमें विशेषज्ञों से चर्चा करने की जरूरत है। इस संबंध में कल शाम मैं विशेषज्ञों से चर्चा करूंगा।'

उन्होंने यहां पत्रकारों से कहा कि कैबिनेट की बृहस्पतिवार को होने वाली बैठक के दौरान राज्य की स्थिति और लागू किए जाने वाले उपायों पर चर्चा की जाएगी और कुछ दीर्घकालिक उपायों पर निर्णय लिया जाएगा।

उन्होंने कहा, हमें पहले की दो लहरों के प्रबंधन का अनुभव है। हमने विशेषज्ञों से रोकथाम के उपायों की सिफारिश करने के लिए कहा है, जिनका दैनिक जीवन पर सीमित प्रभाव हो।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों से कोविड के दिशा-निर्देशों का पालन करने का आग्रह किया। कर्नाटक में पिछले पांच दिनों से कोविड मामलों में इजाफा देखा जा रहा है। दैनिक मामले एक हजार से अधिक आ रहे हैं।

कर्नाटक में रविवार को कोरोना वायरस के नए स्वरूप ओमीक्रोन के 10 और मामले मिले जिसके बाद इसके कुल मामले 76 हो गए।

बोम्मई ने कहा कि राज्य भर में आज से 15-18 साल के किशोरों के लिए टीकाकरण अभियान शुरू हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की योजना इसे व्यापक अभियान बनाने की है क्योंकि इसका उद्देश्य युवाओं को 'कोरोना सुरक्षा घेरे' में लाना है।

उन्होंने कहा, यह अभियान उन स्कूलों में चलाया जा रहा है, जहां इन आयु वर्ग के बच्चे होते हैं और उन्हें उनके पहचान पत्र और आधार कार्ड के आधार पर टीका लगाया जा रहा है।

कोविड प्रतिबंधों के बीच कांग्रेस द्वारा नौ जनवरी से मेकेदातु पदयात्रा निकालने को लेकर किए गए सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा, मैं देख रहा हूं कि वे क्या कर रहे हैं। कल की बैठक में हम उस सामान्य व्यवहार पर चर्चा करेंगे जिसका पालन करने की जरूरत है, और यह केवल उन पर ही नहीं, बल्कि सब पर लागू होगा।

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