कर्नाटक उच्च न्यायालय ने झीलों के स्थानांतरण पर दाखिल जनहित याचिका की खारिज

प्रतीकात्मक चित्र। फोटो स्रोत: PixaBay
प्रतीकात्मक चित्र। फोटो स्रोत: PixaBay

बेंगलूरु/दक्षिण भारत। कर्नाटक उच्च न्यायालय ने शनिवार को झीलों की निगरानी, संरक्षण और कायाकल्प के संबंध में जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) को सौंपने के राज्य सरकार के अनुरोध को खारिज कर दिया।

मुख्य न्यायाधीश अभय श्रीनिवास ओका और न्यायमूर्ति सचिन शंकर मगदुम की खंडपीठ ने कहा कि उच्च न्यायालय झीलों के कायाकल्प के साथ-साथ वहां से अतिक्रमण हटाने के लिए प्रयासरत है, जबकि एनजीटी केवल जल निकायों की बहाली पर ही काम कर रहा है।

पीठ ने आगे कहा कि राज्य सरकार ने इससे पहले दाखिल अपनी प्रतिक्रिया में हमें यह नहीं बताया कि झीलों के कायाकल्प के लिए निजी फर्मों की चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरती गई। गौरतलब है कि अदालत झीलों के कायाकल्प से संबंधित कई जनहित याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई कर रही थी।