गुरु राघवेंद्र बैंक के ग्राहकों का हित साधने कोर्ट पहुंचे सूर्या

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बेंगलूरु/दक्षिण भारत। भारतीय जनता पार्टी के लोकसभा सांसद और अधिवक्ता तेजस्वी सूर्या वर्ष 2019 का लोकसभा चुनाव जीतने के बाद शुक्रवार को पहली बार अपने पेशेवर वकील के कपड़ों में कर्नाटक उच्च न्यायालय में अपने मुवक्किल की ओर से गुरु राघवेंद्र बैंक के खिलाफ दलीलें देते हुए नजर आए। उन्होंने 45 हजार उन लोगों की तरफ से भी कोर्ट में याचिका दाखिल की है, जिन्होंने अपने जीवन भर की कमाई इस बैंक में जमा कर रखी है। उनके मुवक्किल डॉ. एनआर रवि हैं, जो केंद्र सरकार के सेवानिवृत्त कर्मचारी हैं और उन्होंने अपने जीवन भर की बचत इसी बैंक में जमा कर रखी है। वहीं, भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से बैंक के ग्राहकों द्वारा अपनी पूरी जमा राशि निकालने पर रोक लगा दी गई है।

डॉ. रवि ने इस संकटग्रस्त बैंक के मामलों की जांच के लिए कर्नाटक उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल की है। इसमें अपील की गई है कि कोर्ट इस बैंक के काम काज की देखभाल और निगरानी के लिए किसी प्रशासक की नियुक्ति करे। फिलहाल रिजर्व बैंक खुद ही इसकी निगरानी कर रहा है। रिजर्व बैंक की एक निरीक्षण टीम ने हाल में इसके अकाउंट्‌स में कई गड़बड़ियों का पता लगाया था। खास तौर पर बैंक के ग्राहकों के खातों से अवैध पैसे निकाले जाने का भी पता चला था। बैंक के निदेशकों पर आरोप लगा है कि उन्होंने जमाकर्ताओं के खातों से अवैध रूप से बड़ी राशियां निकाल कर ऐसे लोगों को ऋण राशि दे दी, जिन्होंने बाद में अपना ऋण नहीं लौटाया।

आज उच्च न्यायालय में इस याचिका पर हुई सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से तेजस्वी सूर्या और बैंक प्रदबंधन की ओर से इसके सीईओ वासुदेव माय्या और अध्यक्ष रामकृष्ण एन उपस्थित हुए। इन शीर्ष अधिकारियों ने भी उच्च न्यायालय से बैंक के काम-काज की निगरानी के लिए एक प्रशासक नियुक्त करने की अपील की है। कोर्ट में संक्षिप्त उपस्थिति दर्ज करने के बाद बाहर आए तेजस्वी सूर्या ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, ‘मैं अदालत में उन 2 लाख लोगों की ओर से उपस्थित हुआ, जिन पर श्री गुरु राघवेंद्र सहकारिता बैंक के कुप्रबंधन से प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से बुरा प्रभाव पड़ा है। बैंक प्रबंधन ने जमाकर्ताओं के खातों में भारी पैमाने पर गड़बड़ियां कर लोगों के धन का दुरुपयोग किया। हजारों बुजुर्ग नागरिकों पर उनकी कारगुजारियों का बेहद बुरा असर पड़ा है, जो पूरी तरह से अपनी जमा राशि पर मिलने वाले ब्याज पर निर्भर हैं। जरूरी है कि बैंक के जमाकर्ताओं की बातें सुनी जाएं और बैंक के विषय में जो भी निर्णय लिया जाए, वह जमाकर्ताओं के हितों को ध्यान में रखते हुए लिया जाए।’ अदालती सुनवाई में हिस्सा लेने के बाद सूर्या कर्नाटक के सहकारिता मंत्री एसटी सोमशेखर की अध्यक्षता में इस बैंक के मौजूदा हालात की समीक्षा करने के लिए हुई एक बैठक में शामिल हुए। इस समीक्षा बैठक में बसवनगुड़ी के विधायक रवि सुब्रमण्य और चिकपेट के विधायक उदय गड़ुराचार भी उपस्थित थे।