बल्लारी में कर्नाटक-आंध्र सीमा पर सर्वेक्षण शुरू

प्रतीकात्मक चित्र। फोटो स्रोत: PixaBay
प्रतीकात्मक चित्र। फोटो स्रोत: PixaBay

बेंगलूरु/दक्षिण भारत। उच्चतम न्यायालय के दिशानिर्देशों के अनुसार, सर्वे ऑफ इंडिया के अधिकारियों ने एक बार फिर से कर्नाटक-आंध्र प्रदेश की अंतरराज्यीय सीमा बल्लारी में सर्वेक्षण शुरू किया है। नवंबर 2020 के बाद इस तरह का यह दूसरा सर्वेक्षण है। आंध्र प्रदेश में स्थित सैंडूर तालुक और ओबलापुरम माइनिंग कंपनी में सोमवार को तमती से विटालपुरा तक का सर्वेक्षण कार्य किया गया।

इस दौरान बल्लारी के सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी अपनी मांग सामने रखी। उनका कहना है कि आधिकारिक टीम को सर्वेक्षण के लिए अंग्रेजों द्वारा स्केच किए गए 1896 के नक्शे पर निर्भर नहीं रहना चाहिए, क्योंकि तब से लेकर अब तक बड़े पैमाने पर परिवर्तन हुए हैं जिन्हें ठीक किया जाना आवश्यक है।

खनन कार्यकर्ता तापल गणेश ने कहा कि अंतरराज्यीय सीमा के निष्कर्ष पर आने से पहले सर्वेक्षण टीम को गांव की सीमाओं पर गौर करना चाहिए। यहां तक कि उच्चतम न्यायालय ने भी सर्वेक्षण टीम को केवल संदर्भ के लिए ब्रिटिश मानचित्र का उपयोग करने का निर्देश दिया है।

उन्होंने आगे कहा कि टीम यहां दूसरी बार आई है और हम परिणामों के बारे में निश्चित नहीं हैं। ब्रिटिशर्स ने गांव की सीमाओं को वन क्षेत्रों से अलग करने के लिए मसौदा तैयार किया था, जिन्हें बाद में बदल दिया गया। इसलिए, हम टीम से सर्वेक्षण करने से पहले गांव के नक्शे को अच्छी तरह से देखने का अनुरोध करते हैं। गौरतलब है कि सर्वेक्षण की प्रक्रिया के दौरान दोनों राज्यों के अधिकारी वहां मौजूद थे।