‘सांसों’ की हिफाजत के लिए प्राणवायु लेकर बेंगलूरु पहुंची चौथी ऑक्सीजन एक्सप्रेस

ऑक्सीजन एक्सप्रेस
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बेंगलूरु/दक्षिण भारत। कोरोना मरीजों को प्राणवायु उपलब्ध कराने के लिए चौथी ऑक्सीजन एक्सप्रेस मंगलवार को बेंगलूरु के व्हाइट फील्ड पहुंची। दक्षिण पश्चिम रेलवे, हुब्बली के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी ने बताया कि भारतीय रेलवे यह सुनिश्चित कर रहा है कि कोविड-19 महामारी की चुनौतियों के बावजूद आवश्यक वस्तुओं को देश के विभिन्न कोनों तक पहुंचाया जाए।

भारतीय रेलवे के समर्पित कर्मचारियों ने इस महामारी के दौरान चिकित्सा ऑक्सीजन सहित आवश्यक वस्तुओं के कुशल और तेज परिवहन को सक्षम बनाया है। अधिकारी ने बताया कि चौथी ऑक्सीजन एक्सप्रेस मंगलवार सुबह 8.45 बजे आईसीडी व्हाइटफील्ड पहुंच गई है। यह टाटानगर, झारखंड से सोमवार सुबह 2.45 बजे रवाना हुई थी।

ऑक्सीजन एक्सप्रेस
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अधिकारी ने बताया कि ऑक्सीजन एक्सप्रेस के तेजी से परिवहन को सक्षम बनाने के लिए रेलवे द्वारा एक सिग्नल मुक्त ‘ग्रीन कॉरिडोर’ बनाया गया था, जिससे यह ट्रेन बिना रुके चली और किसी अन्य ट्रेन के क्रॉसिंग/पास के लिए इंतजार नहीं करना पड़ा।

अधिकारी ने बताया कि ट्रेन में 6 क्रायोजेनिक कंटेनर हैं और प्रत्येक क्रायोजेनिक कंटेनर में 20 टन लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन (कुल टन भार 120 टन) है।

ऑक्सीजन एक्सप्रेस
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उल्लेखनीय है कि अब तक कर्नाटक को रेलवे द्वारा 480 टन तरल चिकित्सा ऑक्सीजन प्राप्त हुई है। भारतीय रेलवे ने अब तक लगभग 150 ऑक्सीजन एक्सप्रेस चलाई हैं और राज्य सरकारों को कोविड-19 के खिलाफ उनकी लड़ाई में सहायता करने के लिए पूरे देश में 9,440 टन से अधिक तरल चिकित्सा ऑक्सीजन पहुंचाई है।