संध्या राय वहबीज़ बरुचा और सुमित्रा नायक
संध्या राय वहबीज़ बरुचा और सुमित्रा नायक

भुवनेश्वर/दक्षिण भारत। कलिंगा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज (केआईएसएस) की छात्रा और भारतीय रग्बी आइडल सुमित्रा नायक को एशियन रग्बी अनस्टॉपेबल कैंपेन में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए चुना गया है। सुमित्रा के अलावा, दो और महिला रग्बी खिलाड़ी वहबीज़ बरुचा और संध्या राय भी देश का प्रतिनिधित्व करेंगी।

चयनकर्ताओं के पैनल के लिए यह आसान काम नहीं था, क्योंकि उन्हें देशभर से महिलाओं से जुड़ीं 60 से ज्यादा प्रेरणादायक कहानियों में से चुनाव करना था।

सुमित्रा जिसका केआईएसएस में उस समय दाखिला कराया गया था, जब उसकी उम्र सिर्फ नौ साल थी। उसने अपने जीवन में बहुत सारी चुनौतियों का सामना किया। उसके घर में किसी बदमाश प्रवृत्ति के व्यक्ति ने आग लगा दी थी। सौभाग्य से सुमित्रा बाहर निकल आईं।

सुमित्रा का परिवार अत्यधिक गरीब था। एक साल के लिए उसकी पढ़ाई भी छुट गई। वह इन सब दिक्कतों से बाहर आईं और भारत की यू-19 महिला रग्बी टीम की कप्तान बन गई हैं। वह केआईएसएस के लिए कई पुरस्कार जीत चुकी हैं।

इस उपलब्धि पर खुशी जाहिर करते हुए केआईआईटी और केआईआईएस के संस्थापक डॉ. अच्युत सामंत ने कहा, केआईएसएस सुमित्रा की प्रतिभा को उसके बचपन से ही निखार रहा है और उसे सफलता के शिखर पर देखना सुखद है।

डॉ. सामंत ने कहा, व्यक्तिगत रूप से, मैं सुमित्रा को शुभकामनाएं देता हूं और उसके उज्ज्वल और सफल भविष्य की कामना करता हूं। अगर कोई उसके बचपन से लेकर आज तक कष्टभरी जीवनयात्रा को जानेगा तो प्रभावित जरूर होगा।

डॉ. सामंत ने कहा, उसने पहले ही कई कीर्तिमान हासिल किए हैं, यह एक और उपलब्धि है, जो न केवल केआईएसएस बल्कि ओडिशा और देश के लिए गर्व की बात है।