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यवोन चोइनार्डः जिन्होंने जलवायु परिवर्तन के खिलाफ संघर्ष में दान कर दी अरबों की कंपनी
यवोन चोइनार्ड आउटडोर परिधान और उपकरण बनाने वाली कंपनी पैटागोनिया के संस्थापक हैं
 
उन्होंने अपनी इस कंपनी को जलवायु परिवर्तन के खिलाफ संघर्ष में दान करने का ऐलान करते हुए कहा, ‘अब धरा ही हमारी एकमात्र शेयरहोल्डर है’

नई दिल्ली/भाषा। पर्यावरण संरक्षण के नाम पर अक्सर छोटे-छोटे उपाय करने से भी परेशान हो जाने वाले लोगों के लिए यह खबर हैरान करने वाली हो सकती है कि अमेरिका के एक व्यवसायी ने जलवायु परिवर्तन के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के लिए अपनी पूरी कंपनी दान दे दी है। भविष्य में कंपनी से होने वाली आय का एक बड़ा हिस्सा पर्यावरण संरक्षण प्रयासों पर खर्च किया जाएगा।

यवोन चोइनार्ड आउटडोर परिधान और उपकरण बनाने वाली कंपनी पैटागोनिया के संस्थापक हैं और उन्होंने अपनी इस कंपनी को जलवायु परिवर्तन के खिलाफ संघर्ष में दान करने का ऐलान करते हुए कहा, ‘अब धरा ही हमारी एकमात्र शेयरहोल्डर है।’ हालांकि उन्होंने चार बरस पहले अपनी कंपनी के मिशन स्टेटमेंट को बदलकर, ‘हम अपने गृह ग्रह को बचाने के कारोबार में हैं’ कर दिया था।

पैटागोनिया निजी हाथों में है और इसका मूल्य लगभग तीन अरब अमेरिकी डॉलर है। अब नयी व्यवस्था के अंतर्गत चोइनार्ड ने कंपनी के शत प्रतिशत वोटिंग स्टॉक को पैटागोनिया पर्पस ट्रस्ट के हवाले कर दिया है, जिसकी स्थापना कंपनी के मूल्यों की हिफाजत के लिए की गई थी। इसके अलावा शत प्रतिशत ‘नॉन वोटिंग स्टॉक’ को गैर लाभकारी संगठन होल्डफास्ट कलेक्टिव के हवाले कर दिया गया है। यह संगठन पर्यावरण संकट से निपटने और प्रकृति के संरक्षण के लिए समर्पित है।

चोइनार्ड ने इस संबंध में न्यूयॉर्क टाइम्स को बताया कि उनके सामने कंपनी को बेचकर उससे मिली राशि को दान करने का भी विकल्प था, लेकिन उन्होंने ऐसा न करने का फैसला किया क्योंकि उन्हें इस बात का भरोसा नहीं था कि कंपनी का नया मालिक भी उन्हीं मूल्यों का पालन करेगा, जिसका वह करते हैं और वह कंपनी के पुराने कर्मचारियों को बरकरार रखेगा या नहीं।

उन्होंने कहा कि एक अन्य विकल्प इसे सार्वजनिक करने का था, लेकिन वह भी उचित नहीं लगा क्योंकि अच्छे इरादों के साथ शुरू की जाने वाली सार्वजनिक कंपनियां भी अपने दूरगामी दायित्वों और कर्तव्यों को भूलकर कम अवधि में लाभ कमाने के दबाव में रहती हैं।

चोइनार्ड ने कहा कि इसी वजह से उन्होंने, ‘पब्लिक होने’ के बजाय ‘पर्पज होने’ का फैसला किया और प्रकृति से छीनकर उसे निवेशकों की संपत्ति में बदलने की बजाय पैटागोनिया से होने वाली कमाई को पृथ्वी के संरक्षण पर खर्च करना बेहतर समझा।

यवोन चोइनार्ड का जन्म नौ नवंबर, 1938 को एक कैथोलिक परिवार में हुआ था। उनके पिता एक फ्रांसीसी-कनाडाई अप्रेंटिस, मैकेनिक और प्लंबर थे। 1947 में, यवोन और उनका परिवार मेन से दक्षिणी कैलिफोर्निया चला गया। उन्हें रॉक क्लाइंबर, पर्यावरणविद्, परोपकारी और इन मुद्दों पर एक अच्छे लेखक के तौर पर जाना जाता है। आधुनिक रॉक क्लाइंबिंग की शैली बहुत हद तक उनके द्वारा ही विकसित की गई।

वह एक अच्छे सर्फर और क्याकर के तौर पर भी जाने जाते हैं। प्रकृति की हर विशेषता उन्हें लुभाती है, फिर चाहे वे चट्टानें और पहाड़ हों या अथाह जलराशि। अपनी युवावस्था के दौरान उन्होंने सदर्न कैलिफार्निया फाल्कनरी क्लब की स्थापना की और क्लाइंबिंग को आसान बनाने के लिए इसके उपकरण बनाने का फैसला किया। इसके लिए उन्होंने बाकायदा लोहार का काम सीखा और फिर छोटे स्तर से शुरू करके धीरे-धीरे इसी क्षेत्र में विशाल कंपनी खड़ी की।

प्रकृति से लेने का सिलसिला तो सदियों से चला आ रहा है, लेकिन जब कोई उसे प्रकृति के संरक्षण के लिए वापस लौटाता है तो वह अपने आप में मिसाल बन जाता है। इंसानी लूट-खसोट के कारण मुश्किल दौर से गुजर रही यह धरती, इंसान के रहने लायक बनी रहे इसके लिए युवोन चोइनार्ड जैसे और बहुत से लोगों की जरूरत है।

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