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अणुओं को बनाने का नया तरीका विकसित करने के लिए लिस्ट, मैकमिलन को रसायन विज्ञान का नोबेल पुरस्कार
पुरस्कार की घोषणा के बाद लिस्ट ने कहा कि उनके लिए पुरस्कार एक बहुत बड़ा आश्चर्य है। 
 
नोबेल समिति ने कहा कि लिस्ट और मैकमिलन ने 2000 में स्वतंत्र रूप से कैटेलिसिस का एक नया तरीका विकसित किया था।

स्टाकहोम/एपी। रसायन विज्ञान का नोबेल पुरस्कार मैक्स प्लैंक इंस्टीट्यूट के जर्मन वैज्ञानिक बेंजामिन लिस्ट और प्रिंसटन विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक डेविड डब्ल्यूसी मैकमिलन को दिए जाने की बुधवार को घोषणा की गई। मैकमिलन का जन्म स्कॉटलैंड में हुआ था।

उन्हें ‘एसिमेट्रिक ऑर्गेनोकैटलिसिस’ नामक अणुओं के निर्माण के लिए एक नया तरीका विकसित करने में उनके उल्लेखनीय काम के लिए इस सम्मान के लिए चुना गया है। विजेताओं की घोषणा ‘रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेज’ के महासचिव गोरान हैन्सन ने की।

नोबेल समिति ने कहा कि लिस्ट और मैकमिलन ने 2000 में स्वतंत्र रूप से कैटेलिसिस का एक नया तरीका विकसित किया था। नोबेल समिति के एक सदस्य, पर्निला विटुंग-स्टाफशेड ने कहा, ‘यह पहले से ही मानव जाति को बहुत लाभान्वित कर रहा है।’

पुरस्कार की घोषणा के बाद लिस्ट ने कहा कि उनके लिए पुरस्कार एक ‘बहुत बड़ा आश्चर्य’’ है। उन्होंने कहा, ‘मुझे इसकी बिल्कुल उम्मीद नहीं थी।’

उन्होंने कहा कि जब स्वीडन से फोन आया तो वह अपने परिवार के साथ एम्स्टर्डम में छुट्टियां मना रहे थे। लिस्ट ने कहा कि उन्हें शुरू में नहीं पता था कि मैकमिलन उसी विषय पर काम कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि उन्हें लगा कि जब तक यह काम नहीं करता है तब तक उनका यह प्रयास एक खराब विचार हो सकता है। उन्होंने कहा, ‘मुझे लगा कि यह कुछ बड़ा हो सकता है।’

संबंधित क्षेत्रों में काम करने वाले कई वैज्ञानिकों के लिए पुरस्कार साझा करना आम बात है। पिछले साल, रसायन विज्ञान पुरस्कार फ्रांस के इमैनुएल चार्पेंटियर और अमेरिका के जेनिफर ए डौडना को एक जीन उपकरण विकसित करने के लिए दिया गया था जिसने डीएनए को बदलने का एक तरीका प्रदान करके विज्ञान में क्रांति ला दी है।

इस प्रतिष्ठित पुरस्कार में एक स्वर्ण पदक और एक करोड़ स्वीडिश क्रोनोर (11.4 लाख डॉलर से अधिक) की राशि दी जाती है। पुरस्कारों की स्थापना 1895 में स्वीडिश नागरिक अल्फ्रेड नोबेल ने की थी।

नोबेल पुरस्कार समिति ने सोमवार को चिकित्सा के क्षेत्र में अमेरिकी नागरिकों डेविड जूलियस और आर्डम पातापूशियन को नोबेल पुरस्कार दिये जाने की घोषणा की थी।

जलवायु परिवर्तन की समझ को बढ़ाने समेत जटिल प्रणालियों पर काम करने के लिए जापान, जर्मनी और इटली के तीन वैज्ञानिकों को इस वर्ष भौतिकी के नोबेल पुरस्कार के लिए मंगलवार को चुना गया था।

आने वाले दिनों में साहित्य, शांति और अर्थशास्त्र के क्षेत्रों में नोबेल पुरस्कार विजेताओं के नाम घोषित किए जाएंगे।