* इस प्रोजेक्ट के लिए दानदाता दे सकते हैं सहयोग

* गोड़वाड़ जैन भवन ट्रस्ट आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को करेगा मदद

* सर्वेक्षण कर जरूरतमंद जैन परिवारों के बनाये जाएंगे कार्ड

* सामाजिक कार्यकर्ता कुमारपाल सिसोदिया ने उठाया काम का बीड़ा

बेंगलूरु/दक्षिण भारत। अब जैन परिवारों में आर्थिक रूप से अति कमजोर, अभावग्रस्त परिवारों की मदद का नए सिरे से बीड़ा उठाने जा रहा है गोड़वाड़ जैन भवन ट्रस्ट बेंगलूरु, और इस काम को ठीक से अंजाम देने का बीड़ा उठाया है जानेमाने सामाजिक कार्यकर्ता कुमारपाल सिसोदिया ने। जैन समुदाय के किसी भी सम्प्रदाय, पंथ के अभावग्रस्त परिवारों को कम से कम भोजन के लिए किसी का मुंह न ताकना पड़े, इस बात को ध्यान में रखते हुए उनके राशन पानी का स्थायी प्रबंध किया जाएगा और उन्हें अभी केवल कोरोना लाकडाउन तक ही नहीं, भविष्य में भी सहयोग जारी रखा जाएगा।

समाज के दानदाताओं का सहयोग आमंत्रित
कुमारपाल ने कहा है कि जैन समाज हमेशा जरूरतमंदों की मदद के लिए सबसे पहले आगे आता है। गोड़वाड़ भवन ट्रस्ट ने अभी लाकडाउन में बिना किसी जाति, धर्म, संप्रदाय के भेदभाव के सभी लाकडाउन प्रभावितों को तत्काल भोजन उपलब्ध कराने के लिए आगे आया और अब तक कर रहा है। समाज के जानेमाने समाजसेवी दिनेश रांका भोजन वितरण व्यवस्था का पूरा खर्च अकेले उठा रहे हैं। समाज के बहुत सारे उदारमना अपनी ओर से आर्थिक मदद देना चाह रहे थे, हमने उन्हें विनम्रता से कह दिया था कि बाद में आवश्यकता होने पर सहयोग अवश्य लिया जाएगा। उन सभी हस्तियों से आग्रह है कि अब इस नए प्रोजेक्ट में वे खुशी खुशी अपना अर्थ सहयोग दे सकते हैं। यह प्रोजेक्ट जैन समाज के आर्थिक रूप से कमजोर लोगों की मदद के लिए है।

‘आधार’ की तर्ज पर बनेगा कार्ड
गोड़वाड़ भवन के महामंत्री कुमारपाल सिसोदिया ने बताया कि ऐसे जरूरतमंद परिवारों की पहचान की जाएगी, सभा संस्थाओं के माध्यम से पता किया जाएगा। उनकी आर्थिक स्थिति तथा परिवार में कितने सदस्य हैं तथा आय का क्या साधन है, इन सब पहलुओं के आधार पर उनकी जरूरत का आकलन किया जाएगा और फिर हर माह उन्हें राशन सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी जिसमें भोजन संबंधी सभी आवश्यक चीजें शामिल होंगी। इस कार्ड को ऐसी तकनीक से लैस किया जाएगा कि उसमें कब, किस संस्था ने क्या सामग्री उपलब्ध कराई है, यह स्वतः अंकित हो जाएगा। गोड़वाड़ भवन के अलावा कोई और संगठन भी किसी प्रकार का आर्थिक सहयोग करना चाहे तो वह भी इस कार्ड को माध्यम बना सकता है। वह संगठन भी मदद करते समय यह कार्ड पूछें। इससे यह लाभ होगा कि एक ही परिवार बार बार, और अलग अलग संस्थाओं से सहयोग ले रहा है तथा कोई उससे ज्यादा जरूरतमंद तक मदद के लिए कोई पहुंच ही नहीं रहा है, इसका पता चल जाएगा।

स्वाभिमान का रखा जाएगा खयाल
कुमारपाल ने कहा कि निर्धन परिवारों की हालत का प्रचार करना या उनके स्वाभिमान को ठेस पहुंचाना कतई उद्देश्य नहीं परंतु परिवार वास्तव में जरूरतमंद है, इतना पता लगाना हमारा फर्ज भी है इसलिए जितना संभव हो, गोपनीयता रखते हुए काम किया जाएगा। कुमारपाल ने कहा, हम अपने साधर्मिक भाइयों की मदद करना चाहते हैं परंतु उन्हें केवल पराश्रित या पंगु बनाकर नहीं छोड़ना चाहते। इसलिए परिवार की माली हालत का ठीक से जायजा लिया जाएगा। आय और आय के साधन पर भी गौर किया जाएगा।

राशन ही नहीं, बीमारी के इलाज में भी करेंगे सहयोग
सिसोदिया ने कहा कि कार्ड बनने से हमारे पास परिवार की पूरी जानकारी रहेगी। ऐसी स्थिति में केवल दो वक्त के भोजन की व्यवस्था ही नहीं, यदि परिवार की कोई आय नहीं है, कोई सदस्य बीमार हो गया और हमें लगा कि उस परिवार को दवा आदि का प्रबंध भी करना चाहिए, तो वह भी किया जाएगा। इतना ही नहीं, जरूरत महसूस की गई तो शादी में भी सहयोग देने पर विचार किया जाएगा।

नौकरी भी लगाएंगे कुमारपाल सिसोदिया
कुमारपाल सिसोदिया ने कहा कि जो परिवार हमारे यहां पंजीकरण कराकर कार्ड बनवा लेंगे उन परिवारों में या अन्य जरूरतमंद परिवारों में परिवार का कोई सदस्य काम-धाम करने में सक्षम तो है परंतु उसे काम नहीं मिल रहा है तो उसकी क्षमता, योग्यता अनुसार उसे नौकरी लगाने का काम भी वे करेंगे।

समाज के दानदाताओं के पैसे का हो सदुपयोग
सिसोदिया ने कहा कि स्वयं आगे आकर, दिल खोलकर उदारमना लोग ऐसे कामों के लिए सहयोग देते हैं इसलिए हमारा यह फर्ज बन जाता है कि उनके एक एक पैसे का उपयोग हो। दूसरे शब्दों में ऐसे भी कह सकते हैं कि उनका पैसा वास्तविक जरूरतमंदों के लिए ही खर्च हो। हम देखते हैं कि कुछ परिवार अपनी आर्थिक स्थिति की वास्तविकता को छिपाकर किसी न किसी रूप से साधर्मिक फंड से सहयोग प्राप्त कर लेते हैं और केवल एक स्थान से नहीं, वही परिवार अलग अलग स्थानों, संस्थाओं, ट्रस्टों से सहयोग लेते रहते हैं और उनको यही आदत पड़ जाती है। हम चाहते हैं कि जरूरतमंद परिवारों को उनकी जरूरत का हर सामान मिले परंतु कुछ परिवार तो मौज करें और कुछ तक हम पहुंच ही नहीं पाएं, यह सही नहीं है।

समाज के लोग कमजोर परिवारों की जानकारी हमें दें
कुमारपाल जैन समाज के लोगों और संस्थाओं से भी आग्रह करते हैं कि ऐसे परिवारों को उन तक भेजें या उनको कुमारपाल के फोन नंबर दे दें या फिर गोड़वाड़ भवन पहुंचकर कार्यालय में संपर्क करें तो उनका काम हो जाएगा। कुमारपाल सिसोदिया ने कहा कि कोरोना वायरस को लेकर प्रधानमंत्री मोदी द्वारा घोषित लाकडाउन के प्रारंभिक दिनों से अब तक लगातार जरूरतमंदों तक रोज भोजन पैकेट पहुंचाने का कार्य कर रहे हैं और यह कार्य 3 मई तक जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि इसके बाद वे साधर्मिकों पर अतिरिक्त ध्यान केंद्रित करना चाहते हैं क्योंकि जैन समाज के लोग अभावों का जीवन जी रहे हों तो उनका खयाल रखने का पहला दायित्व हमारा ही है। वैसे भी अब लाकडाउन के बाद पहले से कमजोर परिवारों की आर्थिक स्थिति और डांवाडोल होने की संभावना है इसलिए ऐसे हालात में उनका संबल बनकर खड़ा होना हमारा फर्ज है और यह फर्ज गोड़वाड़ जैन भवन ट्रस्ट ठीक से निभाने की कोशिश करेगा। कुमारपाल सिसोदिया से फोन न. 98454 12014 पर संपर्क किया जा सकता है।