उच्चतम न्यायालय
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नई दिल्ली/भाषा। उच्चतम न्यायालय ने पुरी में 23 जून से प्रस्तावित भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा के आयोजन की अनुमति दे दी है। न्यायालय ने कहा कि वह रथ यात्रा के आयोजन का बारीकी से प्रबंधन नहीं कर सकता है और इसलिए यह काम केंद्र, राज्य सरकार और मंदिर प्रबंधन के विवेक पर छोड़ेगा।

उच्चतम न्यायालय ने कहा कि पुरी रथ यात्रा स्वास्थ्य से समझौता किए बिना मंदिर समिति, राज्य और केंद्र सरकार के समन्वय के साथ आयोजित की जाएगी।

प्रधान न्यायाधीश एसए बोबडे, न्यायमूर्ति दिनेश माहेश्वरी और न्यायमूर्ति एएस बोपन्ना की पीठ को ओडिशा सरकार ने सूचित किया कि वह मंदिर प्रबंधन और केंद्र के साथ तालमेल करके रथ यात्रा के आयोजन के दौरान चीजों को सुगम बनाएगी।

केंद्र ने भी पीठ को सूचित किया कि नागरिकों के स्वास्थ्य से समझौता किए बगैर राज्य सरकार और मंदिर ट्रस्ट के सहयोग से रथ यात्रा का आयोजन किया जा सकता है।

न्यायालय ने स्पष्ट किया कि वह ओडिशा में अन्य स्थानों के लिए नहीं, बल्कि सिर्फ पुरी में ही रथ यात्रा के आयोजन की अनुमति दे रहा है। प्रधान न्यायाधीश ने नागपुर में अपने आवास से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पीठ की अध्यक्षता की और कहा कि इस बारे में कुछ समय बाद आदेश सार्वजनिक किया जाएगा।