विरोध प्रदर्शन करते लोग। फोटो: ANI
विरोध प्रदर्शन करते लोग। फोटो: ANI

बेंगलूरु/भाषा। कर्नाटक में कन्नड़ समर्थक समूहों ने मराठा समुदाय के लिए निगम गठित करने के राज्य सरकार के फैसले के खिलाफ शनिवार को राज्यव्यापी बंद का जो आह्वान किया था, उसका कुछ छिटपुट विरोध प्रदर्शनों और पुतले जलाने जैसी घटनाओं को छोड़कर सामान्य जनजीवन पर कुछ विशेष प्रभाव नहीं पड़ा।

खबर लिखे जाने तक ऑटो रिक्शा, कैब, सार्वजनिक परिवहन सेवाएं तथा मेट्रो सेवा उपलब्ध थीं तथा होटल एवं किराना दुकानें खुली थीं। राज्य के विभिन्न हिस्सों में वाहन सुचारु रूप से चल रहे थे।

शहर के टाउन हॉल के निकट प्रदर्शन करने के लिए एकत्रित हुए कन्नड़ संगठनों के कई कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। कई जिलों से प्रदर्शनों की खबरें हैं। कन्नड़ समूहों के वतल नागराज की अगुवाई वाले संगठन की सरकार के फैसले के खिलाफ शाम तक टाउन हॉल से लेकर फ्रीडम पार्क तक रैली निकालने की योजना है।

किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। मुख्यमंत्री के आधिकारिक आवास के बाहर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। हालांकि मुख्यमंत्री बीएस येडियुरप्पा भाजपा की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में शामिल होने के लिए बेलगावी में हैं।

येडियुरप्पा ने शुक्रवार को कन्नड़ समर्थक समूहों से बंद नहीं करने की अपील थी और कहा था कि कन्नडिगा लोग उनकी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता में हैं। कन्नड़ समूहों ने मराठा विकास निगम स्थापित करने के फैसले को वापस लेने के लिए सरकार को 30 नवंबर तक का वक्त दिया है।