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टाटा मोटर्स और टाटा पावर ने पुणे प्लांट में सबसे बड़े सोलर कारपोर्ट का उद्घाटन किया
 
टाटा मोटर्स और टाटा पावर ने पुणे प्लांट में सबसे बड़े सोलर कारपोर्ट का उद्घाटन किया
कंपनी द्वारा जारी की गई तस्वीर।

बेंगलूरु/दक्षिण भारत। हरित विनिर्माण को बढ़ावा देने के टाटा समूह के उद्देश्य के अनुरूप, टाटा मोटर्स और टाटा पावर ने संयुक्त रूप से पुणे के चिखली में टाटा मोटर्स कार संयंत्र में भारत के सबसे बड़े ग्रिड-सिंक्रनाइज़्ड सोलर कारपोर्ट का उद्घाटन किया।

कंपनी ने बताया कि टाटा पावर द्वारा तैनात 6.2 मेगावाट का सोलर कारपोर्ट हर साल 86.4 लाख किलोवाट बिजली पैदा करेगा। इससे सालाना 7,000 टन कार्बन उत्सर्जन और इसके जीवनचक्र में 1.6 लाख टन कमी होने का अनुमान है।

30,000 वर्ग मीटर में फैले इस कारपोर्ट से न केवल हरित ऊर्जा पैदा होगी, बल्कि प्लांट में तैयार कारों के लिए कवर्ड पार्किंग भी उपलब्ध होगी। साल 2039 के लिए अपने शुद्ध शून्य कार्बन लक्ष्य के हिस्से के रूप में टाटा मोटर्स ने 31 अगस्त, 2020 को टाटा पावर के साथ एक बिजली खरीद समझौता (पीपीए) किया था। कोरोना की चुनौतियों के बावजूद, दोनों कंपनियों ने इस विशाल कारपोर्ट के बुनियादी ढांचे को 9.5 महीने के रिकॉर्ड समय में सफलतापूर्वक विकसित करने में कामयाबी हासिल की।

इस अवसर पर टाटा मोटर्स के पैसेंजर व्हीकल बिजनेस यूनिट के अध्यक्ष शैलेश चंद्रा ने कहा, ‘हम हमेशा ऊर्जा संरक्षण की आवश्यकता के प्रति सचेत रहे हैं और अपने सभी कार्यों के लिए 100 प्रतिशत नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत प्राप्त करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। पुणे में हमारे कार प्लांट में भारत के सबसे बड़े सोलर कारपोर्ट को तैनात करने के लिए टाटा पावर के साथ हमारी साझेदारी उस दिशा में एक कदम है।’

टाटा पावर के सीईओ और एमडी डॉ. प्रवीर सिन्हा ने कहा, ‘हमारी साझेदारी कार्बन फुटप्रिंट को कम करने और अभिनव और भविष्य केंद्रित हरित ऊर्जा समाधान प्रदान करने के हमारे सामूहिक प्रयासों का प्रमाण है। हम स्वच्छ संसाधनों का दोहन करने और उन्हें अपने भागीदारों और ग्राहकों को पेश करने के नए तरीकों का पता लगाना जारी रखेंगे।’