बांग्लादेश के जिस जशोरेश्वरी मंदिर में मोदी ने की पूजा, अद्भुत है उसका इतिहास

जशोरेश्वरी मंदिर में पूजा करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। फोटो स्रोत: ट्विटर वीडियो।
जशोरेश्वरी मंदिर में पूजा करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। फोटो स्रोत: ट्विटर वीडियो।

ढाका/दक्षिण भारत। बांग्लादेश दौरे पर गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यहां के प्रसिद्ध जशोरेश्वरी काली मंदिर में पूजा की। यह बांग्लादेश के प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है। यहां स्थानीय लोगों ने मोदी का भव्य स्वागत किया।

बता दें ​कि बांग्लादेश में ऐसे अनेक धार्मिक स्थल हैं जिनका सनातन धर्म से गहरा संबंध है। जशोरेश्वरी काली मंदिर सत्खिरा के ईश्वरीपुर में स्थित है। जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है, यहां मां काली विराजमान हैं। जशोरेश्वरी नाम का शाब्दिक अर्थ है ‘जेस्सोर की देवी’।

जशोरेश्वरी को देवी के 51 पीठों में से एक माना जाता है। मान्यता के अनुसार, यह वह स्थान है जहां देवी की हथेली गिरी थी। धार्मिक कथाओं की मानें तो महाराजा प्रतापदित्य के सेनापति ने सबसे पहले झाड़ियों से प्रकाश की एक किरण देखी। तत्पश्चात यहां देवी की प्रतिमा देखी गई।

महाराजा प्रतापदित्य ने जशोरेश्वरी काली मंदिर का निर्माण करते हुए मां काली की पूजा शुरू कर दी। बांग्लादेश स्थित जेस्सोर का नाम मां जशोरेश्वरी के नाम पर ही है। एक अन्य ऐतिहासिक विवरण के अनुसार, यहां एक ब्राह्मण ने देवी के लिए 100 द्वारों के मंदिर का निर्माण कराया था। हालांकि यह किस समय कराया गया, यह स्पष्ट नहीं है। बाद में मंदिर का जीर्णोद्धार लक्ष्मण सेन और प्रतापदित्य ने कराया।

इसके अलावा, बांग्लादेश में ढाकेश्वरी देवी का मंदिर प्रसिद्ध है। जून 2015 में जब मोदी बांग्लादेश यात्रा पर गए तो ढाकेश्वरी मंदिर में पूजा की थी। इसी देवी के नाम पर बांग्लादेश की राजधानी का नाम ढाका है। साल 1971 के युद्ध में पाकिस्तान ने इस मंदिर का अपमान किया था। इतिहास गवाह है कि उस कृत्य की उसे क्या कीमत चुकानी पड़ी।